स्थानीय उत्पादों को वैश्विक बाजार से जोडऩे की जरुरत: प्रभु

स्थानीय उत्पादों को वैश्विक बाजार से जोडऩे की जरुरत: प्रभु

नयी दिल्ली। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री सुरेश प्रभु ने स्थानीय उत्पादों को वैश्विक बाजारों से जोडऩे पर बल देते हुए कहा है कि जिला स्तर पर मालवहन का बुनियादी ढ़ांचा बनने से अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भारतीय उत्पाद प्रतिस्पर्धी बन सकेंगे।
श्री प्रभु ने बृहस्पतिवार को यहां विश्व बैंक के एक प्रतिनिधिमंडल के साथ देर शाम बैठक के दौरान यह टिप्पणी की। बैठक में केंद्रीय मंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय एकीकृत मालवहन नीति विकसित की जा रही है। इस नीति में गोदामों और भंडारगृहों की क्षमता बढ़ाने पर बल दिया जाएगा और सेवाओं का मूल्यवर्धन होगा। माल लदान क्षेत्र बनाए जायेंगे और इन्हें यातायात के विभिन्न साधनों के साथ जोड़ा जाएगा। ये क्षेत्र जिला स्तरीय होंगे जिससे स्थानीय स्तर पर निर्मित उत्पादों को अंतर्राष्ट्रीय बाजार में ले जाया सकेगा।
उन्होंने कहा कि निर्यात में इजाफा करने के लिए विशेष उत्पादों और विशेष बाजारों पर ध्यान दिया जा रहा है। इससे स्थानीय उत्पादों को अंतर्राष्ट्रीय आपूर्ति श्रृंखला से जोड़ा जाएगा। मालवहन नीति से उत्पादों की लागत में कमी आएगी और ये अंतर्राष्ट्रीय बाजार में प्रतिस्पर्धी बनेंगे।
विश्व बैंक के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व व्यापार, क्षेत्रीय एकीकरण एवं निवेश माहौल की निदेशक कैरोलिना फ्रेएंड और भारत में बैंक के निदेशक जुनैद अहमद ने किया।
बैठक में विश्व बैंक और संबद्ध मंत्रालयों के साथ कार्यशालाएं आयोजित करने पर भी सहमति जताई गयी। इससे भारतीय उत्पादों को वैश्विक बाजारों के साथ जोडऩे में आने वाली समस्याओं के समाधान में मिलेगी।

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