भाग्यांक 2 के लोग कैसे होते हैं जानें

भाग्यांक 2 के लोग कैसे होते हैं जानें


भाग्यांक 2 का स्वामी चन्द्र ग्रह को माना गया है। जिन जातकों का भाग्यांक 2 है उनको भाग्यांक के प्रभाव से उस किस्म की कल्पनाशक्ति प्राप्त होती है। बौद्धिक स्तर इनका उच्च कोटि का रहता है एवं बुद्धि जन्य कार्यों में इनकी विशेष अभिरूचि रहती है। शारीरिक श्रम साध्य कार्यों में इनकी दिलचस्पी कम रहेगी। चन्द्रमा जिस तरह घटता-बढ़ता रहता है उसी प्रकार इनके भाग्य का सितारा भी कभी तो एकदम उँचाइयों को प्राप्त करेगा और कभी ये एकदम घोर अंधकार में अपने आप को पायेंगे। ऐसे समय में धैर्य रखना इनके लिए अनिवार्य हो जाता है, क्योंकि इनके भाग्य का सितारा भी पुनः पूर्णिमा की तरह प्रकाशित होता है। धैर्य न रखना इनकी कमजोरियों में रहेगा। इनका भाग्य चन्द्रमा के रूप की तरह बदलता रहता है। एक स्थिर मुकाम पर कभी भी नहीं पहुँच पाता। इनको सम्पूर्ण जीवन में भाग्योदय की कुछ कमी खटकती रहती है। इनको अधिकारियों से लाभ रहता है तथा धन-धान्य से ये सुखी रहते हैं। इनको अपनी चलायमान प्रकृति पर नियंत्रण रखना होगा अन्यथा एक के बाद एक कार्यों को बीच में छोड़कर आगे बढ़ने की प्रवृत्ति वश इनके कार्य देर से संपादित होंगे और कभी असफल भी होते रहेंगे। भाग्यांक 2 से प्रभावित जातकों के लिए भाग्यांक के प्रभाव से भाग्योदय उन्नीस वर्ष की अवस्था से प्रारंभ होकर अट्ठाइसवें वर्ष की अवस्था पर उच्चता मिलती है तथा सैंतीस वर्ष की अवस्था पर पूर्ण भाग्योदय होता है। भाग्यांक के प्रभाव से इनकी आयु के ऐसे वर्ष जिनका योग दो होता है, वह भी इनके लिए भाग्योदय कारक रहते हैं, जैसे आयु वर्ष 11, 20, 29, 38, 47, 56, 65 और 74 वें वर्ष इनके लिए योगकारी सिद्ध होते हैं।

भाग्यांक फल

ऐसे ईस्वी सन् जिनका योग 2 आता है वे भी भाग्यांक 2 प्रभावित व्यक्तियों को अनुकूल जाते हैं। जैसे सन् 2009, 2018, 2027, 2036, 2045, 2054, 2063, 2072, 2081। इन वर्षों में इनके जीवन में कुछ महत्वपूर्ण घटनाएँ घटित होती हैं।

-ज्योतिष आचार्या रेखा कल्पदेव

8178677715, 9811598848

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