सुबह छह बजे बाद दिनभर बांधी जा सकेगी राखियां

सुबह छह बजे बाद दिनभर बांधी जा सकेगी राखियां


गुरुवार को आजादी के पर्व के साथ रक्षाबंधन पर्व भी हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा। बहने भाईयों की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधेगी तो भाई बहन की रक्षा का संकल्प लेगा। आचार्य पंडित अभिमन्यू पाराशर ने बताया कि गुरुवार को सायंकाल 5 बजकर 59 मिनट तक पूर्णिमा तिथि होने से रक्षाबंधन का त्यौहार पूरे दिन मनाया जाएगा।

शास्त्रानुसार रक्षाबंधन में भद्रा टाली जाती है, जो इस वर्ष संपूर्ण दिन नहीं है। इसलिए राखी बांधने का समय प्रातः काल से ही प्रारंभ होकर संपूर्ण दिन रहेगा। चौघड़िया के हिसाब से राखी बांधने वाले के लिए सुबह 6 बजकर 2 मिनट से 7 बजकर 39 मिनट बजे तक एवं सायं 5 बजकर 23 मिनट से 7 बजकर 1 मिनट तक शुभ के चौघड़िया में तथा दिन के 10 बजकर 54 मिनट से दोपहर 1बजकर 30 मिनट तक चर व लाभ के चौघड़िया में तथा दोपहर बाद 3 बजे से 3 बजकर 46 मिनट तक अमृत के चौघड़िया में भी राखी बांध सकते हैं।

पंडित पाराशर ने बताया कि राखी बांधने के लिए राशियों पर खुब प्रभाव पड़ेगा। इसलिए राशि के हिसाब से उसी रंग की राखी बांधने को शुभ माना जाएगा। पंडित पाराशर ने बताया कि रक्षाबंधन के दिन महालक्ष्मी मंदिर में या घर पर ही देवी लक्ष्मी का पूजन कर दूध, चावल, केला व पंच मेवा से बनी खीर देवी को अर्पण करें व बालकों में प्रसाद बांटने से व्यापार में वृद्धि होगी। शत्रु परेशान कर रहे हो तो रक्षाबंधन के दिन हनुमानजी को चोला चढ़ाकर, गुड़ का भोग लगाएं व गुलाब के फूल चढ़ाएं। इस समस्या का समाधान हो जाएगा। कोई भी ऐसा पौधा जो वटवृक्ष के नीचे उगा हुआ हो, राखी के दिन उसे अपने घर के किसी गमले में लाकर लगा लें। ऐसा करने से दरिद्रता दूर होती है और घर में स्थाई लक्ष्मी का निवास होता है।


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