यहां भगवान जगन्नाथ स्वामी की एक झलक पाने हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुँचते हैं

यहां  भगवान जगन्नाथ स्वामी की एक झलक पाने हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुँचते हैं



पन्ना,। मध्यप्रदेश के पन्ना जिले में हर साल आयोजित होने वाली रथयात्रा के लिए प्रशासन ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। देश की तीन सबसे पुरानी व बड़ी रथयात्राओं में पन्ना की रथयात्रा भी शामिल है। ओडिशा के जगन्नाथपुरी

की तर्ज पर यहां आयोजित होने वाले इस भव्य धार्मिक समारोह में राजसी ठाट-बाट और वैभव की झलक देखने को मिलती है। रथयात्रा के दौरान भगवान जगन्नाथ स्वामी की एक झलक पाने समूचे बुन्देलखण्ड क्षेत्र से हजारों की संख्या में श्रद्धालु यहां पहुँचते हैं।

पन्ना की यह ऐतिहासिक रथयात्रा करीब 166 वर्ष पूर्व तत्कालीन पन्ना नरेश महाराजा किशोर सिंह द्वारा शुरू कराई गई थी, जो परम्परानुसार अनवरत जारी है। इस वर्ष ये रथयात्रा चार जुलाई को शाम साढ़े छह बजे पूरे विधिविधान के साथ जगन्नाथ स्वामी मन्दिर से निकलेगी।

पन्ना जिले की प्राचीन व ऐतिहासिक रथयात्रा महोत्सव को भव्यता व गरिमा प्रदान करने के लिये इस वर्ष कलेक्टर कर्मवीर शर्मा सहित नगर के गणमान्य जन इसमें विशेष रूचि ले रहे हैं।

स्थानीय विशेषज्ञों का कहना है कि पन्ना नरेश महाराजा किशोर सिंह पुरी से भगवान जगन्नाथ स्वामी जी की मूर्ति लेकर आये और पन्ना में भव्य मन्दिर का निर्माण कराया। पुरी में चूंकि समुद्र है, इसलिये पन्ना के जगन्नाथ स्वामी मन्दिर के सामने सुन्दर सरोवर का निर्माण कराया गया।

हिन्दू पंचांग के अनुसार आषाढ़ शुक्ल माह की द्वितीय तिथि को यहां पुरी के जगन्नाथ मन्दिर की तरह हर साल रथयात्रा निकलती है। रथयात्रा के दौरान यहां भी भगवान जगन्नाथ अपनी बहन सुभद्रा और भाई बलराम के साथ मन्दिर से बाहर सैर के लिये निकलते हैं। यह अनूठी रथयात्रा पन्ना से शुरू होकर तीसरे दिन जनकपुर पहुंचती है।

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