आराध्य हैं तुलसी देवी

आराध्य हैं तुलसी देवी

तुलसी देवी का पौधा जिस भी घर में है वहां से बीमारी दूर रहती है। हवा जिस ओर तुलसी की सुगंध को ले जाती है वहां के लोगों को पाशविक प्रवृत्तियों से मुक्त करती है। जिस घर में तुलसी होती है वहां तीनों लोकों के स्वामी विष्णु निवास करते हैं, ऐसा पद्मपुराण, उत्तराखंड में उल्लेखित है। तुलसी सभी द्वारा आराधनीय हैं क्योंकि वो पवित्र देवी हैं। तुलसी देवी को प्रणाम करते हुए मन में ये भाव रखें, तुलसी आप भगवान केशव की अत्यधिक प्रिय हैं, हे देवी, आप भगवान विष्णु के प्रति भक्ति प्रदान करती हैं और परम सत्य को रखने वाली हैं। हे कृष्ण प्रेयसी तुलसी देवी! मेरी प्रार्थना स्वीकार कीजिए तथा राधाकृष्ण की सेवा प्रदान कर अपनी दासी बना लीजिए। यह मेरी एकमात्र अभिलाषा है।

तुलसी देवी की आराधना के लाभ

- शास्त्रों में तुलसी देवी की आराधना के लाभ का वर्णन बहुत थोड़े भाग में दिया गया है, क्योंकि तुलसी देवी भगवान की शाश्वत पार्षद हैं इसलिए इनका गुणगान पूरी तरह नहीं कर सकते।

- तुलसी देवी की पत्तियां, फूल, जड़, छाल, शाखाएं, तना उनकी छाया सभी आध्यात्मिक हैं।

- तुलसी मंजरी भगवान श्रीकृष्ण को अर्पित करने से सभी प्रकार के फूल अर्पित करने का लाभ मिलता है।

- तुलसी देवी के पौधे के निकट आने से पाप कम होते हैं।

- जिस घर में तुलसी देवी निवास करती हैं वह घर पवित्र बन जाता है।

- जिस घर में तुलसी देवी हैं वहां भगवान श्रीकृष्ण प्रसन्नता के साथ निवास करते हैं।

- तुलसी देवी की सुगंध शुद्ध होती है।

- जो भगवान श्रीकृष्ण की आराधना तुलसी के साथ करता है, उसका लाभ उसके पूर्वजों को भी मिलता है।

- कलियुग में भगवान श्रीकृष्ण के नामों का संकीर्तन तुलसी के निकट जो करता है वो भगवान श्रीकृष्ण के धाम को प्राप्त करता है।

- जो श्रीकृष्ण की आराधना तुलसी की पत्तियों के साथ करता है उसे सभी यज्ञ, दान एवं तप का लाभ प्राप्त होता है।

- पूजा के दौरान तुलसी की पत्तियों को चरण कमलों में अर्पित करना चाहिए। तुलसी की माला भगवान के गले में पहनाई जा सकती है। तुलसी के बिना की गई पूजा और भगवान का भोग, अर्पण प्रमाणिक नहीं माना जाता। भगवान की पूर्ण आराधना तुलसी पत्र एवं जल अर्पित कर की जा सकती है।

- नीतू गुप्ता

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