घर में भगवान की एेसी मूर्तियां रखना है मना..!

घर में भगवान की एेसी मूर्तियां रखना है मना..!

हिंदू धर्म में सुबह-सुबह स्नान आदि करके भगवान के दर्शन करना बहुत शुभ माना जाता है। मान्यता है कि एेसा करने से व्यक्ति के अंदर सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि वास्तु और ज्योतिष शास्त्र में भगवान की एेसी कई प्रतिमाओं के बारे में बताया गया है, जिनका दर्शन करने से अशुभ फलों की प्राप्ति होती है। जी हां, यह सच हैं इसमें ईश्वर के एेसे कई स्वरूपों का वर्णन किया है जिनके बारे में सबको पता होन चाहिए।

इसके साथ ही वास्तु शास्त्र में भगवान की प्रतिमाओं की दिशा और स्थान को लेकर भी कुछ खास बातें बताई गई हैं। कहा जाता है कि अगर इन बातों का ध्यान न रखा जाए तो इसका बुरा असर पडता है और वास्तु दोष भी बढ़ने लगते हैं। इन वास्तु ग्रंथों में बताया है कि भगवान की प्रतिमाओं की पीठ, उनकी संख्या और मूर्तियों के आकार-प्रकार को लेकर सावधान रहना चाहिए।

कभी भी भगवान की प्रतिमा को घर में इस तरह न रखें कि इनके पीछे का भाग यानि पीठ दिखाई नहीं दे। हिंदू धर्म की ग्रथों के अनुसार भगवान की पीठ का दिखना शुभ नहीं माना जाता।

जिस घर के पूजा स्थल में भगवान की एक से ज्यादा प्रतिमाएं होती हैं, उस घर पर भी इसका बुरा असर पड़ता है। अगर भगवान की कोई दो प्रतिमाएं आस-पास या आमने-सामने हो तो घर के सदस्यों के बीच में तनाव और झगड़े बढ़ने लगते हैं।

कुछ लोगों की भगवान की प्रतिमाओं से इतनी आस्था जुड़ी होती है कि वह उन प्रतिमाओं के खंडित हो जाने पर भी उनके घर में रखे रखते है, लेकिन वास्तु और ज्योतिष शास्त्र के अनुसार एेसा करना अच्छा नहीं माना जाता। तो यदि आपके घर में भगवान की कोई खंडित प्रतिमा या तस्वीर पड़ी हुई है तो उसे किसी भी मंदिर में जाकर पीपल के पेड़ के नीचे रखे दें।

ज्योतिष की मानें तो मंदिर में भगवान की ऐसी मूर्ति रखनी चाहिए, जिसमें उनका मुंह सौम्य और हाथ आशीर्वाद की मुद्रा में हो। रौद्र और उदास मूर्ति के दर्शन करने से नकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

भगवान की ऐसी किसी मूर्ति के दर्शन नहीं करने चाहिए, जिसमे वे युद्ध करते या किसी का विनाश करते नज़र आए। ऐसी मूर्ति के दर्शन करना भी दुःखों का कारण बन सकता है।

घर के मंदिर में मूर्तियों की उंचाई हाथ के अंगूठे जितनी होनी चाहिए। इससे ज्यादा उंची मूर्तियां ठीक नहीं मानी गई हैं।

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