ज्योतिष: व्यवसाय व व्यापार वृद्धि को प्रभावित करता है आपका विजिटिंग कार्ड

ज्योतिष: व्यवसाय व व्यापार वृद्धि को प्रभावित करता है आपका विजिटिंग कार्ड

वास्तु शास्त्र में स्थान, भवन, घर में रखे जाने वाले आधुनिक यंत्रों के साथ साथ व्यापार वृद्धि के काम आने वाली वस्तुओं का भी विशेष महत्त्व है। इनमें सबसे अधिक आपके व्यापार (व्यवसाय) आदि को प्रभावित करता है आपका विजिटिंग कार्ड। अगर आपका विजिटिंग कार्ड आपके अनुकूल रंग, सुन्दर आकर्षक व वास्तु के अनुसार बना हुआ है तो आपको सुनिश्चित सफलता मिलेगी एवं आपके व्यवसाय, व्यापार आदि में वृद्धि होगी। इसके विपरीत अगर आपका विजिटिंग कार्ड दोषयुक्त है तो धीरे-धीरे आपके व्यवसाय पर विपरीत प्रभाव पड़ेगा और आपको व्यवसायिक जीवन में निराशा उठानी पड़ेगी। इसीलिये व्यवसाय निश्चित करते समय आप अपने छपने वाले कार्ड का रंग एवं वास्तु अनुसार उसका स्वरूप व आकृति आदि भी अपने वास्तु सलाहकार से तैयार कर लें ताकि किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

कैसा हो आपका विजिटिंग कार्ड - प्रश्न यह उठता है कि व्यवसाय में वृद्धि करने वाला अपना विजिटिंग कार्ड कैसा हो? उसकी वास्तु अनुसार स्थिति क्या है? जो आपको सौभाग्य प्रदान करने वाला तथा व्यापार व्यवसाय में वृद्धि करने वाला हो। इसमें कुछ वास्तु शास्त्रियों की मानयता इस प्रकार हैं:-

- आपका विजिटिंग कार्ड सुन्दर, आकर्षक एवं चौरस तथा कटा पिटा न हो।

- कार्ड पर किसी प्रकार की झुर्रियां या सलवटें न हों तथा कार्ड के बीच वाला ब्रह्यम स्थान खाली हो।

- कार्ड के दायीं ओर उत्तर पूर्व (ईशान दिशा) में या उत्तर में कोई शुभ चिन्ह गणेश, ऊँ, स्वास्तिक, कलश व सूर्य आदि अंकित हो।

- वायव्य दिशा में आप अपना फोन नं अंकित करें तथा फोन नं कुछ बड़ी आकृति में लिखें।

ह्म्बीच का स्थान (ब्रह्म स्थान) खाली रखें तथा उस में कुछ भी न लिखें।

- आप किसी ऐसे हल्के कार्ड का चुनाव न करें जो जल्दी ही सिकुड़ जाय या जिस में शीघ्र झुर्रियां पड़ जायें।

- बायीं और नैमृत्य दिशा (दक्षिण पश्चिम) में आप अपना नाम व पता सुन्दर तथा आकर्षक रंग में अंकित करवायें तथा अग्नेय दिशा वाले कोने को भी खाली छोड़ दें।

- आप अपने विजिटिंग कार्ड का रंग ज्योतिष अनुसार जो भी प्रभावी हो, का चुनाव करें। अप्रभावी रंग से आपके व्यवसाय व्यापार आदि पर बुरा प्रभाव पड़ेगा।

- किसी भी हालात में आप अपने कार्ड के कोने आदि न काटें तथा उनको चौरस ही रहने दें।

- ईशान दिशा में शुभ चिन्ह के अलावा भूलकर भी, नाम, पता, फोन नम्बर आदि अंकित न करें।

- पं. श्री निवास शर्मा

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