साल में एक बार मात्र 24 घंटे के लिए खुलता है ये मंदिर

साल में एक बार मात्र 24 घंटे के लिए खुलता है ये मंदिर

मध्यप्रदेश के उज्जैन में स्थित भगवान नागचन्द्रेश्वर का मंदिर साल में एक ही दिन 24 घंटे के लिए खुलता है। इस बार ये मंदिर 14 अगस्त की मध्य रात्रि को खुला और 15 अगस्त को पूरे दिन खुला। देश में यह एक मात्र भगवान नागचंदेश्वर का मंदिर है जिसके पट नागपंचमी के एक दिन पहले 24 घंटे के लिए खोले जाते हैं। यह मंदिर बहुत ही पुराना है, मान्यता के अनुसार परमार राजा भोज ने 1050 ईस्वी में इस मंदिर का निर्माण करवाया और इसके बाद 1732 में सिंधिया घराने के महाराज राणोजी सिंधिया ने महाकाल मंदिर का जीर्णोद्धार करवाया।

यहां की मान्यता के अनुसार जो व्यक्ति इस मंदिर में आकर नागदेवता के दर्शन करता है उसे सर्पदोष से मुक्ति मिलती है। यहां पर विराजमान भगवान नागचंद्रेश्वर की प्रतिमा परमार कालीन है और ये माना जाता है कि इस मूर्ति को नेपाल से लाया गया था। महाकाल मंदिर में स्थापित शिवलिंग की सुरक्षा के लिए जब शिखर का निर्माण किया गया, उस समय गर्भगृह के ऊपर शिवलिंग की स्थापना की गई, जिसका नाम ऊंकार रखा गया।

इसी प्रकार ऊंकार मंदिर के ऊपर नागचंद्रेश्वर की मूर्ति की स्थापना की गई। जब एक दिन के लिए नागपंचमी के दिन इस मंदिर के पट खुलते हैं तो नागचंदेश्वर के दर्शन के लिए देसी-विदेशी पर्यटकों का तांता लग जाता है। हजारों की संख्या में भक्त भगवान के दर्शन के लिए यहां आते हैं।

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