अनमोल वचन

अनमोल वचन

प्रेम और सौहार्द के बिना जीवन का कोई अस्तित्व ही नहीं और न ही प्रेम और सौहार्द के अभाव में दुनिया की कल्पना की जा सकती है। ये न हो तो जीवन नीरस है। प्रेम और सौहार्द ही वह गुण है, जो इन्सान को इन्सान से जोडे रखने में समर्थ है। श्रीराम, श्रीकृष्ण, महावीर, महात्मा बुद्ध, स्वामी दयानंद, स्वामी विवेकानंद जैसे महामानवों के संदेशों का एक ही सार है शांति, प्रेम और भाईचारा। दुनिया में ऐसे तमाम उदाहरण मौजूद हैं, जहां प्रेम को एक ऊर्जा, प्रेरणा और शिक्षा के रूप में देखा गया। तात्पर्य यही है कि आपसी प्रेम और सौहार्द ही परिवार और समाज को जोडकर रखता है। इसके बिना दूसरी सभी बातों का कोई महत्व नहीं होता। जिन परिवारों में आपसी प्रेम और सौहार्द नहीं होता, वहां एकता का अभाव होता है। ऐसा परिवार स्वयं को सुखी भी अनुभव नहीं करता। परिवार में प्रेम बनाये रखने के लिये आवश्यक है कि सभी सदस्यों को अहंकार का भाव छोड देना चाहिए। आज की बदलती सामाजिक परिस्थितियों में भी केवल प्रेम और सौहार्द ही वे अस्त्र हैं, जिससे दुनिया भर में फैली इन्सानी वैमनस्यता को समाप्त किया जा सकता है।

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