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  • अनमोल वचन

    आदमी की महत्वाकांक्षाएं इतनी अधिक होती हैं कि जब वे पूर्ण नहीं होती तो यह मानने लगते हैं कि इसका कारण ईश्वर हैं। इसलिए वें या तो उसकी सत्ता को चुनौती देने की कोशिश करते हैं अथवा उसकी सत्ता को ही मानने से इंकार करने लगते हैं। किसी ने ठीक ही कहा है कि आपकी महत्वाकांक्षाओं की सूचित जितनी लम्बी होगी,...

  • अनमोल वचन

    जहां प्रेम सम्मान और स्वच्छता का रिश्ता है, वहां लक्ष्मी का वास होता है। जिस परिवार में कलह क्लेश रहता है, वह परिवार आज नहीं तो कल अवनति के गर्त में जाना निश्चित है। अपने बुजुर्गों से कुछ सीखिये, उनके जीवन के अच्छे-बुरे अनुभव तुम्हें जीवन की राहत दिखा सकते हैं। जिसने आपके द्वार पर आकर हाथ फैला...

  • अनमोल वचन

    जीवन के उद्देश्य को पाना है, उसकी सार्थकता को यदि खोजना है तो वह दूसरों की भलाई करने में है। संसार में उसी परिश्रम को सार्थक कहा गया है, जो दूसरों के लिये किया जाता है। वही मेहनत सफल कहलाती है, जिससे दूसरों का भला होता है। मनुष्य जीवन की किसी भी अवस्था में और किसी भी स्थिति में परोपकार किया जा सकता...

  • अनमोल वचन

    आप सोचते हैं और आपके ही जैसे सभी लोग सोचते हैं, क्या सोचना, कभी सत्य हुआ है? आप लोग सोचते हैं ईश्वर के बारे में, उस सोचने को ही समझते हैं कि ईश्वर मिल गया। सोचना, अनुभव नहीं है, सुनना अनुभव नहीं है। कथा सुन लेने से मोक्ष नहीं मिल सकता, परमात्मा के सोच लेने से परमात्मा नहीं मिलता। भोजन के बारे में...

  • अनमोल वचन

    प्रगति के नाम पर बहुमंजिली इमारतें, कालौनियां बन रही हैं। बडी-बडी लम्बी-लम्बी कारों का काफिला खडा हो रहा है। बडी-बडी, चौडी-चौडी सडकें बन रही हैं, मॉल बन रहे हैं, परन्तु डर है कि बडे-बडे मॉल, कालौनियों और बडी-बडी सडकों के नीचे कहीं मानवता दब न जाये। कहीं इस प्रगति के दौर में मनुष्य किसी खंडहर में...

  • अनमोल वचन

    हमारी मस्ती, हमारी किलकारी, हमारी हंसी पर किसी की नजर लग गई। किसी खराब आदमी की नजर लग गई हमारी मस्ती पर, हमारी हंसी पर। किसने हमारी हरी भरी बगिया को आग लगा दी। मुझे लगता है हमारा अन्तर्मन, अकर्षण और प्रेम से रूठ गया। हम मरूभूमि बन गये हैं। यही करण है जहां चमेली की बगिया हुआ करती थी, वहां अब...

  • अनमोल वचन

    मानव जीवन में उद्देश्य के बिना किया गया कर्म कर्म नहीं होता। इसलिए कर्म करने से पूर्व हमें जीवन का उद्देश्य निर्धारित करना होता है। प्रश्न यह है कि जीवन का उद्देश्य क्या होना चाहिए। निश्चित रूप से आज के भौतिक युग में अधिकांश व्यक्ति इसका जवाब पैसा, गाडी, बंगला आदि बतायेंगे। भौतिक वस्तुओं से हमारा...

  • अनमोल वचन

    जिस प्रकार अपनी पसंद के सुन्दर पौधों के बीज बोना सम्भव है, उसी प्रकार अच्छे जीवन के निर्माण और विकास के लिये अच्छे कर्म करना और अच्छे कर्म करने के लिये अच्छे विचारों का विकास करना भी सम्भव है। विचारों का उद्गम स्थल है हमारा मन। मन पर नियंत्रण का प्रयास कर हम गलत विचारों पर रोक लगा सकते हैं और अच्छे...

  • अनमोल वचन

    कर्ण, दधिचि और राजा हरिश्चन्द्र जैसे परम दानी भारत में ही हुए, जिन्होंने दुनिया के सामने सर्वस्व दान के उदाहरण प्रस्तुत किये। शास्त्रों में अनेक प्रकार के दानों का उल्लेख मिलता है, जिनमें अन्न दान, विद्या दान, अभय दान और धन दान को श्रेष्ठ माना गया है। यूं ही नहीं कहा जाता कि एक हाथ से दान करो तो...

  • अनमोल वचन

    बच्चों की दृष्टि में उनके माता-पिता ही आदर्श होते हैं, इसलिए किसी भी परिस्थिति में आदर्शों का त्याग न करें। सदैव आदर्श व मर्यादा का पालन करें। बच्चे की दृष्टि में आपका व्यक्तित्व आदरणीय व अनुकरणीय होता है। उसके लिये आप मर्यादा के प्रतीक हैं। वह आपके जैसा आदर्श पुरूष बनना चाहेगा। यदि आप मर्यादाहीन...

  • अनमोल वचन

    मनुष्य का एक ही मित्र है धर्म। दूसरों को ईश्वर का ही अंश मानते हुए उनकी भलाई के लिये कार्य करना ही धर्म है। यदि कोई व्यक्ति किसी की सेवा करता है तो उसे परम सन्तोष और विशेष शान्ति मिलती है। दुखी व्यक्ति को देखकर यह सोचना चाहिए कि दुखी व्यक्ति भी अपना है। यदि यह दुखी रहेगा तो मैं भी दुखी रहूंगा...

  • अनमोल वचन

    कहा जाता है कि यदि मनुष्य कमर कस ले तो उसके लिये कुछ भी असम्भव नहीं। मानव समाज ने जिस प्रकार प्रगति की है, उससे यह सत्य लगता है। अपनी बुद्धि और श्रम के बल पर मनुष्य ने धरती को तो लगभग वश में कर ही लिया है, अन्य ग्रहों तक भी जा पहुंचा है। इसके बावजूद भी 'ईश्वर की लीला अपार है 'अब ईश्वर ही कुछ कर...

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