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  • अनमोल वचन

    ईर्ष्या एक मानसिक रोग है। ईर्ष्या के रोग से पीडित व्यक्ति दूसरे का तो कुछ अहित नहीं कर सकता, स्वयं अपना खून सुखा लेता है। इस रोग से बचने की कला प्रत्येक व्यक्ति को आनी चाहिए। जिसने यह कला सीख ली और उसके अनुसार अपनी जीवन शैली निर्मित कर ली, उसका जीवन सरल, सहज और आशा से परिपूर्ण हो जाता है। जब हमें...

  • अनमोल वचन

    प्राय: देखा जाता है कि कुछ अभिभावक अपने बच्चों की दूसरे बच्चों से तुलना करते हैं कि दूसरे के बच्चे उनके बच्चों से अधिक श्रेष्ठ हैं, कुशाग्र हैं, परन्तु अभिभावकों की यह प्रवृत्ति बच्चों के अन्दर ईष्र्या के भाव को जन्म दे देती है। इससे बच्चे का आत्म विश्वास डगमगाने लगता है और बच्चा या तो कुंठित होकर...

  • अनमोल वचन

    गुरू के प्रति श्रद्धासुमन के रूप में गोस्वामी तुलसीदास की काव्य पंक्तियां कितनी सारगर्भित हैं। बदऊं गुरू पद कजं कृपा सिंधु नर रूप हरि, महा मोह तम पुंज जासु वचन रबि कर निकर। अर्थात मैं सद्गुरू के चरण कमल की वन्दना करता हूं। मेरे गुरूदेव कृपा के सागर और नर रूप में नारायण हैं। उनके सद्वचन महा मोह के...

  • अनमोल वचन

    वैसे तो संसार में अधिकांश लोग अपने जीवन से असन्तुष्ट पाये जाते हैं, परन्तु ईष्र्यालु व्यक्ति शत प्रतिशत असन्तुष्ट होते हैं, ईष्र्या से पीडित व्यक्ति को असन्तोष हर पल घेरे रहता है। हर पल दूसरों से आगे बढने की चाहत उसे चैन से बैठने नहीं देती, प्रतिस्पर्धा तो प्रगति के लिये अच्छी चीज है, परन्तु उसमें...

  • अनमोल वचन

    मनुष्य की अनेक दुर्बलताओं में से एक दुर्बलता यह है कि वह हर समय दूसरों से अपनी तुलना करता रहता है। इस कारण उसकी सोचने, समझने की कल्पना शक्ति कुन्द पड जाती है, जिससे तुलना हो रही है, यदि वह हर क्षेत्र में उससे आगे है, तो मन में उपजी ईर्ष्या के कारण उसका आत्मविश्वास लडखडा जाता है और फिर वह अपने...

  • अनमोल वचन

    हमारे पास जो कुछ भी है और हमारे आसपास जो कुछ है, उसमें अन्तर है, समानता नहीं है। यद्यपि यह अन्तर स्वाभाविक है, परन्तु यह अन्तर ही आदमी को बेचैन करता है। सबसे पहले आदमी की कामना रहती है कि जो भी अच्छी चीज है, वह उसके पास हो, अन्य किसी के पास न हो और यदि वह अच्छी चीज दूसरों के पास मिल जाती है तो वह...

  • अनमोल वचन

    संसार में यदि हमारा कोई प्रतिद्वंदी, हमउम्र, हमारा निकट का पडौसी, रिश्तेदार हमसे अधिक सफल, अधिक प्रतिभाशाली अथवा अधिक सम्मान का पात्र बनता है, तो मन में सहज ही यह भाव उपजता है कि यह सब मेरे साथ क्यों नहीं। ये खुशियां मेरी क्यों नहीं? हमारे पास क्या है, इसे देखने के बजाय दूसरों के पास क्या है, यह...

  • अनमोल वचन

    यदि हमें नया कार्य सीखना है और हम उसे शीघ्रताशीघ्र सीखना चाहते हैं, तो उसके लिये जरूरी है हममें उसे सीखने की पूरी लगन हो। वह लगन ही है जो हमें बडी आसानी से अपने लक्ष्य की ओर ले जाती है। कई प्रकार की परेशानियों के बावजूद कठिन संघर्षों से जूझने में मदद करती है, हमारा हौंसला बढाती है, आत्मविश्वास...

  • अनमोल वचन

    यदि व्यक्ति में असाधारण योग्यता के साथ लगन है तो वह अपने जीन में कुछ भी हासिल कर सकता है। यदि साधारण योग्यता के साथ कार्य करने की लगन है तो वह जीवन में कुछ न कुछ विशेष कर ही लेता है, परन्तु व्यक्ति में लगन ही न हो तो ऐसा व्यक्ति जीवन में कुछ विशेष कर ही नहीं पाता। लगन की इसी विशेषता के कारण आजकल...

  • अनमोल वचन

    कुछ व्यक्तियों में विशेष योग्यताएं और प्रतिभा होते हुए भी कार्य के प्रति लगन का अभाव होता है, जिसके कारण उन्हें अपेक्षित सफलता नहीं मिल पाती, क्योंकि ऐसे व्यक्तियों के अन्दर अपनी विशेष योग्यता और प्रतिभा का अहंकार होता है और वह अहंकार उन्हें पर्याप्त प्रयास नहीं करने देता। बाधाएं आने पर वह सोचता है...

  • अनमोल वचन

    योग्यता हर किसी में होती है। किसी में कम, किसी में अधिक। सामान्यत: साधारण योग्यता वाले अधिकांश व्यक्ति हैं और वे उस सामान्य योग्यता का किसी भी प्रकार उपयोग करके सामान्य जीवन जीते हैं, परन्तु यदि इस सामान्य योग्यता के साथ व्यक्ति के भीतर असाधारण लगन हो तो वह कुछ भी कर सकने में सफल हो सकता है, क्योंक...

  • अनमोल वचन

    बहुधा मनुष्य निर्णय लेने में सरल मार्ग का चुनाव करता है भले ही उसको उसमें थोडी हानि हो रही हो। वह कठिन मार्ग का चुनाव करने से डरता है, क्योंकि प्रतिकूल परिणामों से हानि की आशंका अधिक होती है, परन्तु इसी कठिन मार्ग के विकास की सम्भावनाएं सबसे अधिक होती हैं। जितने भी सफल व्यक्ति हुए हैं उन्होंने जीवन...

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