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  • अनमोल वचन

    जीवन में कठिनाईयां तो आती रहती हैं, परन्तु जो कठिन समय में भी कठिन श्रम करने से पीछे नहीं हटते, अपने कार्य में जुटे रहते हैं, वे जीवन में महत्वपूर्ण उपलब्धियां प्राप्त करते हैं। जिस प्रकार सोने को निखारने के लिये उसे तपाया जाता है, आग की इस तपन में सोने की अशुद्धि जलकर भस्म हो जाती है, केवल शुद्ध...

  • अनमोल वचन

    अपनी भावनाओं में, विचारों में, कर्मों में डूबकर, रमकर जब हम कुछ करते हैं, तो वह आश्चर्यजनक परिणाम प्रस्तुत करता है। वास्तविकता यह है कि हम इतने बिखरे हुए हैं कि किसी कार्य मेें डूब नहीं पाते, उसकी गहराई में उतर नहीं पाते। इसलिए उसके परिणाम भी आधे-अधूरे पाते हैं। कार्य में डूबने का रहस्य जिसने पा...

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    जब हम अपने लक्ष्य की पूर्ति के लिये अपने कार्य को पूरे मन से करते हैं, मन शक्ति को उसी में केन्द्रित कर देते हैं, उसमें गहरे तक डूब जाते हैं, तो हम अपने भीतर मौजूद उस व्यक्ति से परिचित हो पाते हैं, जो हमसे कहीं अधिक विशिष्ट और योग्य है। अपने कार्य में रमकर ही हम अपनी अन्र्तयात्रा पर निकल सकते हैं...

  • अनमोल वचन

    राजमार्गों पर स्थान-स्थान पर लिखा होता है सावधानी हटी, दुर्घटना घटी जो इस बात की चेतावनी है कि वाहन चलाते हुए मन को एकाग्र रखो, अन्यथा दुर्घटना की सम्भावना रहती है। तल्लीनता का भंग होना सामान्य कार्यों में भी सफलता में बाधक बन जाता है। आदमी डगमगा जाता है, जब मन पटरी से उतर जाता है। उसकी...

  • अनमोल वचन

    स्वामी विवेकानन्द के बारे में कहा जाता है कि वे एक नजर में ही पुस्तक का पूरा पृष्ठ पढ लेते थे। एक बार जब वे कुछ व्यक्तियों के सामने कुछ ही समय में 400 पृष्ठों की एक पुस्तक पढ गये तो आश्चर्यचकित लोगों ने उनसे इस रहस्य के बारे में पूछा तो स्वामी जी ने कहा कि यह कोई बडी बात नहीं है। बस मैंने दुनिया की...

  • अनमोल वचन

    दशहरा पर्व को विजय दशमी के रूप में प्रतिवर्ष मनाया जाता है। इसे असत्य के प्रतीक रावण पर सत्य के प्रतीक राम की विजय का पर्व भी माना गया है। राम और रावण पौराणिक पात्र ही नहीं, बल्कि ये हमारे भीतर और समाज में मंगल-अमंगल के, न्याय-अन्याय के, धर्म-अधर्म के निर्माण विध्वंस के भी प्रतीक हैं। रामलीला में...

  • अनमोल वचन

    आज विजयदशमी है। असत्य पर सत्य की जीत का पर्व। शान्ति की आकांक्षा किसे नहीं होती। मानव हो या पशु, हर कोई अपने परिवार, मित्रों और समाज के बीच सुख-शान्ति से रहकर जीवन व्यतीत करना चाहता है, किन्तु सच यह भी है कि सृष्टि के निर्माण के समय से ही शान्ति के साथ अशान्ति, संघर्ष, प्रतिस्पर्धा और उठापटक का दौर...

  • अनमोल वचन

    जब आदमी ईश्वर की भक्ति मन से करता है, वह सच्ची भक्ति हो जाती है, क्योंकि मन के साथ हृदय की शक्ति भी जुड जाती है। दोनों मिलकर ईश्वर साधना में जुट जाते हैं। चाहे ईश्वर को किसी भी रिश्ते से अपने साथ जोडे, स्वामी, सखा अथवा परमपिता के रिश्ते से, वह प्रत्येक रिश्ते से हमारा है, परन्तु तभी जब रिश्ता मन से...

  • अनमोल वचन

    आज दुर्गाष्टमी है। इस विशेष दिवस पर कन्याओं के लिये विशेष पूजन किया जाता है। नवरात्र नवरात्र व्रती कन्याओं के पैर धोकर उनके माथे पर तिलक लगाते हैं, स्वादिष्ट पकवान खिलाते हैं, चुन्नियां ओढाते हैं। उन्हें भेंट स्वरूप कुछ देते भी हैं। उनका पूरा सत्कार किया जाता है। यह सब मात्र औपचारिकता ही नहीं होनी...

  • अनमोल वचन

    किसी भी लक्ष्य की प्राप्ति की सफलता के लिये मन की शक्ति ही सर्वोच्च है। बात चाहे भौतिक शक्ति प्राप्त करने की हो चाहे आध्यात्मिक शक्ति की, मन शक्ति के प्रयोग के बिना कुछ भी सम्भव नहीं। गीता का वचन है 'इन्द्रियों से परे मन है, मन को जब हम जिस विषय में लगा दें, गहनता के साथ डूब जायें। उसे यदि विषय...

  • अनमोल वचन

    वेद, पुराणों, उपनिषदों से लेकर हमारे महान आध्यात्मिक संतों ने प्रभु के प्रति समर्पण की महिमा गाई है। समर्पण पर विशेष बल देते हुए उसे प्रभु तक पहुंचने का एक स्वर्ण सोपान बताया है। गीता में श्री कृष्ण स्पष्ट रूप से अर्जुन से ही नहीं, बल्कि सभी के लिये यह संदेश करते प्रतीत होते हैं 'सर्व धर्मान...

  • अनमोल वचन

    सामान्यतया सम्द्धि को भौतिक समृद्धि ही माना जाता है, परन्तु सच यह है कि समृृद्धि भौतिक नहीं, आध्यात्मिक तत्व है, इसका स्रोत आपके बाहर नहीं, भीतर है। आप कौन हैं, यह इसका हिस्सा है। अच्छी बातों को स्वीकारना जो कि पहले से आपके जीवन में हैं, हर प्रकार की समृद्धि का आधार है। गीता में भगवान कृष्ण कहते...

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