अनमोल वचन

अनमोल वचन

प्राय: यह भी देखा जाता हे कि कुछ लोग परिश्रमी तो बहुत होते हैं, परन्तु वे अपने कार्यों में वांछित सफलता प्राप्त नहीं कर पाते, क्योंकि वे अपनी ऊर्जा का विकेन्द्रीकरण कर देते हैं। एक साथ कई प्रकार के कार्य आरम्भ कर देते हैं, जिसके कारण उनकी शक्ति और उनका कौशल कई क्षेत्रों में बंट जाता है। एक कार्य में वे अपने को एकाग्र नहीं कर पाते, यदि महान लोगों के जीवन को देखा जाये तो पता चलता है क उन्होंने जिस कार्य को पकडा, लगातार उसी को लेकर आगे बढते गये। उनमें जन्मजात प्रतिभा बुद्धि की तीव्रता रही होगी, परन्तु उनका असली गुण उनकी अपने कार्य में एकाग्रता ही रही। श्रम का सम्मान और महत्व सदा से ही रहा है। इसलिए आगे बढना है, उन्नति करनी है तो मनोयोग से श्रम साधना को महत्व देना ही होगा। आचार्य चाणक्य का कहना है 'परिश्रम वह चाबी है, जो किस्मत का दरवाजा खोलती है। किसी विद्वान का कहना है कि 'कठिन परिश्रम कीजिए और पसीने का आनन्द उठाइये। यह सफलता की गारंटी तो नहीं देता, परन्तु परिश्रम के बिना सफलता का कोई योग नहीं।

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