अनमोल वचन

अनमोल वचन

जहां प्रेम सम्मान और स्वच्छता का रिश्ता है, वहां लक्ष्मी का वास होता है। जिस परिवार में कलह क्लेश रहता है, वह परिवार आज नहीं तो कल अवनति के गर्त में जाना निश्चित है। अपने बुजुर्गों से कुछ सीखिये, उनके जीवन के अच्छे-बुरे अनुभव तुम्हें जीवन की राहत दिखा सकते हैं। जिसने आपके द्वार पर आकर हाथ फैला दिये, उसे तो कुछ देना ही चाहिए। फल की अभिलाषा छोडकर कर्म करने वाला पुरूष ही अपने जीवन को सफल बनाता है। अपने कर्म पर अपना मन लगायें, न कि उसके फल पर। परिश्रम करना हमारा कर्तव्य है और फल देना भगवान का काम। अपेक्षाकृत परिणाम न मिलने पर भगवान को कोसने के बजाय कर्म करना चाहिए। बिना सोच विचार के किये गये काम के बाद पछताना पडता है। सफलता आसानी से नहीं मिलती, पुरूषार्थ तो करना ही चाहिए। परिश्रम से कमाई हुई पूंजी सदा सुखदायी होती है। दुखों से घबराना नहीं चाहिए। आज दुख है तो कल सुख भी आयेगा। सुख में बहुत इतराने की जरूरत नहीं, बल्कि ऐसे समय दूसरे के दुख में मददगार बनें तो प्रभु की कृपा मिलती है। यह मत भूलें कि मुसीबत के वक्त मात्र धैर्य ही मनुष्य की सबसे बडी ताकत है।

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