अनमोल वचन

अनमोल वचन

हम सभी भारत मां की सन्तान हैं, जिसकी मिट्टी से हमारे शरीर की रचना हुई, जिसके अन्न, जल से हमारा पोषण होता है और इसी भारत मां की गोदी में समा जाना है। हम सब इसी मां भारती के त्रणी हैं। कोई ऐसा कार्य नहीं करना है, जो इससे द्रोह की संज्ञा में आये। इस माटी का कर्ज उतारने के लिये, इसकी उन्नति के लिये, सशक्त बनाने के लिये जी जान से दिन-रात मेहनत करनी है, ताकि इसकी ओर कोई आंख उठाकर देखने की हिम्मत न कर सके। हम सभी के लिये देश पहले, अपना धर्म, सम्प्रदाय, अपनी जाति, अपनी राजनैतिक सोच सब बाद में है। हम हिन्दू हो, मुस्लिम हो, सिख हो, ईसाई हो, सभी एक पिता ईश्वर के पुत्र हैं। सबकी माता भारत माता (इस देश की धरती) से अलग न कभी और थी, न हो सकती है। सभी धर्म मादरे वतन, अर्थात मातृभूमि के प्रति निष्ठा की शिक्षा देते हैं। हम सब इसी मिट्टी के कर्जदार हैं और इसका कर्ज अदा करने के लिये हमें अपने प्राण उत्सर्ग करने पडें तो पीछे नहीं हटेंगे। कश्मीर से लेकर कन्या कुमारी तक हम सब एक हैं और एक ही रहेंगे।

Share it
Top