अनमोल वचन

अनमोल वचन

वाणी का प्रभाव बहुत गहरा होता है। वह अपना दूसरे पर बहुत गहरा प्रभाव छोडता है। वाणी का तीखापन चुभता है। इसकी कठोरता दूसरों पर प्रहार करती है, परन्तु इसकी मधुरता तथा कोमलता औषधि का काम करती है, जो मन में लगे घावों पर मरहम का कार्य करती है। वाणी के माध्यम से व्यक्ति अपनी अभिव्यक्ति दे सकता है। वाणी की इसी कुशलता ने गीत, संगीत का निर्माण किया, जिसके माध्यम से अनेक भावों की अभिव्यक्ति की गई। वाणी के साथ चेहरे की भाव भंगिमा आदि भी महत्वपूर्ण होती है। शब्दों को जानकर केवल वाणी के माध्यम से ही व्यक्ति के विषय में बहुत कुछ जान जाते हैं। वाणी एक प्रकार से धनुष से छोडे गये तीन के समान व्यक्ति के मुंह से बाहर निकलती है और मन के भावों के अनुरूप सामने वाले व्यक्ति पर अपना प्रभाव डालती है। धनुष से निकला तीर और वाणी से निकले शब्द वापस नहीं लिये जा सकते। मूर्ख वे हैं जो पहले बोलते हैं और बाद में सोचते हैं, बुद्धिमान वे हैं, जो पहले सोचते हैं और बाद में बोलते हैं। कुल्हाडी का घाव तो शीघ्र भर जाता है, परन्तु चुभते शब्दों का भाव जीवन भर नहीं भरता।

Share it
Top