अनमोल वचन

अनमोल वचन

हमारी सफलता के मार्ग में मुख्यतया दो प्रकार की बाधाएं होती हैं- एक आंतरिक, दूसरी बाह्य। बाहरी परिस्थितियों की तुलना में आंतरिक बाधाओं का महत्व अधिक है, क्योंकि बाहरी परिस्थितियों पर हमारा पूर्ण नियंत्रण नहीं होता। कुछ सीमा तक ही हम इन्हें नियंत्रित कर पाते हैं, जबकि दूसरा पक्ष अधिक महत्वपूर्ण और प्रभावशाली है। यह ऐसा पक्ष है, जिस पर हमारा पूर्ण नियंत्रण सम्भव है। प्राय: इसी पर हमारी सफलता अथवा असफलता निर्भर करती है। सच तो यह है कि हमारी सफलताओं में सबसे बडी बाधा हमारी आंतरिक दुर्बलताएं होती हैं, जो हमें लक्ष्य से विचलित कर देती हैं। जीवन में प्राय: वे ही लोग असफल होते हैं, जो अपनी दुर्बलताओं के आगे घुटने टेक देते हैं। जो हम पाना चाहते हैं, उसके लिये हमें उसकी कीमत तो चुकानी ही पडेगी। उसे चुकाये बिना हमें सफलता की आशा नहीं करनी चाहिए। सम्भव है भाग्यवश कुछ मिल जाये, किन्तु ऐसी सफलता से न तो मन हर्षित होता है और न ही आत्मिक संतोष की प्राप्ति होती है।

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