अनमोल वचन

अनमोल वचन

महान व्यक्ति वह कहलाता है जो दुनिया में दाता बनकर आता है और दाता बनकर जाता है। जो क्षमता के अनुसार संसार में बांटता जाता है, उसे कभी अभाव का मुंह देखना नहीं पडता। सृष्टि के आरम्भ से ही कल्याण मार्ग को अपनाते हुए सूर्य ऊर्जा बांट रहा है और चन्द्रमा शीतलता देकर सबको शांति प्रदान कर रहा है, परन्तु आज तक उनके खजाने में कोई कमी नहीं आई। उन्होंने कभी देने का अहम् भी नहीं पाला, क्योंकि उन्हें इस सच्चाई का ज्ञान है कि देने वाला तो कोई और है। हम किसी को कुछ देने की स्थिति में हैं भी नहीं, फिर भी हमने स्वयं को देने वाला मान लिया है, जबकि देने वाला तो प्रभु है और हमने तो उस दाता को भी भोग लगाकर खिलाने का, उनकी मूर्तियों के वस्त्र बनाकर उसे वस्त्र पहनाने का अहंकार पाल लिया है। हम गर्भ में थे उसने हमें वहां खिलाया, बाहर आने से पहले मां की लोरियों में दूध पैदा कर दिया। हमारे दांत आये तो हमारे भोजन की व्यवस्था भी उसी ने की। आज भी वही कर रहा है। वह प्रभु ही है, जो सब कुछ देता है, सबको देता है।

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