अनमोल वचन

अनमोल वचन

प्रत्येक मनुष्य के जीवन में ऐसे विशेष क्षण अवश्य आते हैं, जो उसे आत्म चिंतन के लिये बाध्य करते हैं। ऐसी परिस्थिति धीरे-धीरे घटित होने वाली घटनाक्रमों से भी बन सकती है और अचानक भी हमारे सम्मुख आ खडी हो सकती है। ऐसे अवसर पर आत्मचिंतन करते हुए यह सोचें कि हमने कभी कोई ऐसा पाप तो नहीं कर दिया, जो धर्म की कसौटी पर खोटा सिद्ध होता हो। युद्ध जीवन में परिहार्य है, किन्तु इस जीवन संग्राम में कैसी भी परिस्थिति क्यों न आये, किन्तु हमें धर्म के मार्ग से विचलित नहीं होना है। हमें ईश्वरीय प्रेरणा से आत्मचिंतन के अवसर अनेक बार मिलते हैं। उनका सदुपयोग अवश्य करना चाहिए। आज ही और अभी यह संकल्प करें कि जीवन के इस महाभारत में, इस धर्मयुद्ध में अर्जुन बनना है। हमें किसी भी विपरीत परिस्थिति का सामना क्यों न करना पडे, किन्तु कोई कार्य ऐसा किंचित भी नहीं करना है, जिसके कारण समाज हमें दुर्योधन की संज्ञा से विभुषित करे।

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