अनमोल वचन

अनमोल वचन

हम सभी समाज की एक इकाई हैं। हम सभी से मिलकर समाज बनता है। इसलिए हमारा समाज से सामंजस्य बने रहना बहुत जरूरी है, अन्यथा हम समाज में रहते हुए भी उससे अलग-थलग पड जायेंगे। सभी के दुख और खुशी के समय आपकी उपस्थिति बहुत जरूरी है। आप किसी के दुख-सुख में नहीं जायेंगे तो आपके दुख-सुख में कौन आपके यहां आना पसंद करेगा। आप समाज से कट जायेंगे। सगे-सम्बन्धी और मित्रों के साथ-साथ पडौसी का साथ भी जरूरी है। पडौसियों से सम्बन्ध मधुर रहने चाहिए, परन्तु आज आदमी अपने ही काम में इतना उलझा रहता है कि बगल में क्या हुआ, उनको पता ही नहीं चलता। माना कि आप अधिक व्यस्त हैं, परन्तु अपनों से जुडे रहने के लिये सम्पर्क भले ही फोन द्वारा हो, बातचीत का क्रम बना रहना चाहिए। निकट के मित्र हो अथवा सम्बन्धी, उनसे मिलते रहना सम्बन्धों को मधुर बनाने के लिये आवश्यक है। पर्वों पर निकट के लोगों के यहां एक-दूसरे की उपस्थिति अवश्य रहनी चाहिए। सम्बन्धियों के यहां शादी विवाह में तो जाना जरूरी होता है, परन्तु तीज त्यौहारों पर फोन द्वारा ही सही शुभकामनाओं का आदान-प्रदान होना चाहिए। इससे आपसी समरसता बनी रहेगी और समाज के अंग के रूप में आप अपने कत्र्तव्यों के प्रति सचेत भी रहेंगे। [रॉयल बुलेटिन अब आपके मोबाइल पर भी उपलब्ध, ROYALBULLETIN पर क्लिक करें और डाउनलोड करे मोबाइल एप]

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