अनमोल वचन

अनमोल वचन

शक्ति के बिना संसार का कोई कार्य नहीं हो सकता। शक्ति से धरती अन्न देती है, शक्ति से सारे कल कारखाने चलते हैं, शक्ति से वनस्पति फलती-फूलती है और शक्ति से ही विश्व ब्रह्मांड का संचालन होता है। शक्ति के बिना संसार में एक पत्ता भी नहीं हिल सकता। स्वछन्द, कम्पन, सिहरन तथा संचालन आदि सारी क्रियाएं शक्ति के ही लक्षण हैं। जो शक्ति सम्पन्न है, वही जीवित है, जो अशक्त है, वह निर्जीव है, मृत है। चलती हुई वायु, जलती हुई आग, झरते हुए झरने, गरजते हुए बादल ये सब शक्ति का ही संदेश देते हैं। शक्ति के अस्तित्व से ही मनुष्य मनुष्य है, अन्यथा वह एक शव है, मिट्टी है। मनुष्य सफलता, प्रगति तथा मनोवांछित की पूर्ति शक्ति के ही सहारे पा सकता है। जो अशक्त है, शक्ति से हीन है, वह निर्जीव है। वह न तो उन्नति कर सकता है, न कोई सफलता पा सकता है। संसार में आगे बढने के लिये, प्रगति करने के लिये छाती से छाती अडी हुई है। कंधे से कंधा रगड रहा है, तब भला ऐसी दशा में जो अशक्त हैं, निर्बल हैं, वह गिर जायेगा, कुचला जायेगा और नष्ट हो जायेगा। शक्तिहीन तो अपने जीवन के लिये भी अभिशाप है और दूसरों के लिये समस्या है।

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