अनमोल वचन

अनमोल वचन

एक दिवस पूर्व (परसो दीपावली की शाम) घर-घर में मां लक्ष्मी-श्रीगणेश एवं दीपकों का पूजन किया गया। दीपकों और बल्बों की लडियों से पूरे घर को सजाया गया। हर स्थान पर लोग प्रसन्न दिखाई दे रहे थे, पर इसी के साथ जो क्रदंन, बरबादी, जनहानि, पर्यावरण के साथ खिलवाड का दृश्य दिखाई दिया, वह भुलाया नहीं जा सकता। कुछ दिन पूर्व ही एक स्थान पर पटाखे की दुकानें जलकर खाक हो गई, जिसने देखा वही सिहर उठा। दुकानदारों की साईकिलें, स्कूटर, चप्पल- जूते, साथ में कुछ ग्राहक भी जलकर भस्म हो गये। कुछ लोग घायल हो गये। एक स्थान पर ग्राहक ने बहुत सारे पटाखे बम आदि खरीदे। पैसे देते समय उसने कहा- 'एक अनार जलाकर तो दिखाईये। दुकान के सामने अनार जलाया, जिसकी चिंगारी से दुकानों में आग लग गई। उसकी चपेट में अन्य दुकानें भी आ गई और देखते ही देखते सब खाक हो गया। रात भर पटाखों की आवाज हृदयरोगी तथा घबराहट के रोगियों को बेचैन करती रही। ध्वनि प्रदूषण और वायु प्रदूषण ने सांस लेना मुश्किल कर दिया। सभी को इस प्रदूषित वायु को झेलना पडा। सोचिये और विचार कीजिए कि हम अपने खुशी के पर्व पर कितना बडा पाप कर रहे हैं, क्यों हम आत्महत्या पर उतारू हैं?

रॉयल बुलेटिन की नई एप प्ले स्टोर पर आ गयी है।royal bulletin news लिखे और नई app डाउनलोड करें

Share it
Top