अनमोल वचन

अनमोल वचन

मानवीय प्रगति के मार्ग में अत्यंत छोटी, परन्तु भयानक बाधा है अनियमितता की आदत। बहुधा लोग अस्त-व्यस्त पाये जाते हैं। हवा के झोके के साथ उडते रहने वाले पत्तों की भांति कभी इधर, कभी उधर कूदते-फुदकते रहते हैं। निश्चित दिशा न होने से परिश्रम और समय व्यर्थ बर्बाद होता रहता है। धीमी चाल से नियोजित तरीके से चलते रहने से थोडी क्षमता रखते हुए भी सतत प्रयत्न से कछुए ने बाजी जीती थी और बेतरतीब उछलने भटकने वाला खरगोश अधिक सामथ्र्य सम्पन्न होते हुए भी पराजित हो गया था। सामथ्र्य का जितना महत्व है, उससे अधिक महत्ता इस बात की है कि जो कुछ उपलब्ध है, उसी को योजनाबद्ध रूप से निश्चित क्रम व्यवस्था अपनाकर उद्देश्यों की पूर्ति की जाये। जो ऐसा कर पाते हैं, वे धीरे-धीरे विकास पथ पर बढते हुए उन्नति के शिखरों को छू पाते हैं। जो इस ओर से लापरवाह हैं, उन्हें योग्यता और सुविधाओं के रहते भी पिछडे बने रहना पडता है, जबकि सुनियोजित जीवन चर्चा अपनाने वाले एक के बाद दूसरी सीढी पर चढते हुए उस स्थान पर पहुंच जाते हैं, जिसे लोग दैवीय चमत्कार एक की संज्ञा दे देते हैं, जबकि रहस्य उनकी जीवन चर्चा की नियमितता में छुपा है।

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