अनमोल वचन

अनमोल वचन

कभी आपने विचार किया है कि आपके अकेले में भी एक महान शक्ति निवास करती है। ऐसी महान शक्ति जो संसार को हिला सकती है और इसी के बल पर अकेला व्यक्ति शक्तिमान निद्र्वन्द रह सकता है, वह है आत्मा की शक्ति। वेद कहता है 'अहमिन्द्रो न पराजिग्ये' अर्थात मैं आत्मा हूं, मुझे कोई हरा नहीं सकता। आप अकेले हैं, तब संसार के सब सहारों की आशा छोडकर अपनी आत्मा का अवलम्बन लें। अपनी आत्मा की ज्योति को अपना पथ प्रदर्शक बनायें। 'आत्मदीपो भव' अर्थात अपने दीपक स्वयं बनो। उस आत्मा ज्योति पर विश्वास रखें, जो आपके भीतर अखंड रूप से जल रही है। इस ज्योति के अतिरिक्त अन्य कोई आपको सही-सही प्रकाश नहीं दे सकता। जब भी आप अकेले हो, किसी कठिनाई में भटक रहे हो, किसी समस्या में उलझे हुए हो, तो तब अन्तज्र्योति के प्रकाश में जीने का पथ ढूंढें, इधर उधर न भटकें। अपने लिये, अनुकूल, हितकर, श्रेयष्कर मार्गदर्शन आपकी आत्म ज्योति से ही मिलेगा, बाहर से नहीं।

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