अनमोल वचन

अनमोल वचन

यदि आप उस स्थान पर खड़े हैं, जहां सभी ने आपका साथ छोड़ दिया है, आपसे मुंह मोड लिया है, आपसे नाता तोड लिया है, तो निराश होने अथवा घबराने की आवश्यकता नहीं। आपसे पहले भी अनेकों अकेले चल चुके हैं। अपने पैरों पर जीवन यात्रा कर चुके हैं। आप अकेले हैं, यह अनुभव कर लेना आपके लिये वरदान सिद्ध होगा। इसका सदुपयोग कीजिए। संत कन्फ्यूसियस ने कहा था 'महान व्यक्ति जो चीज ढूंढते हैं, वह उन्हें अपने ही अन्दर मिलती है, जबकि कमजोर दूसरों का मुंह ताका करते हैं। अपने ऊपर निर्भर रहकर ही मनुष्य अपने जीवन में किसी सत्य का साक्षात्कार कर सकता है, कुछ प्राप्त कर सकता है। अन्य लोगों को तो अपने से ही फुरसत नहीं है। सचमुच में दूसरों का मुंह ताकने वाले व्यक्ति को अपनी सफलता, आशा, आकांक्षाओं के लिये निराश ही रहना पडे, तो यह बहुत सम्भव है। किसी भी क्षेत्र में सच्ची और स्थायी सफलता मनुष्य अपने ही प्रयत्नों से प्राप्त कर सकता है। महान बनने वाले और साधारण व्यक्तियों में यही अन्तर है। वह अपनी शक्ति और क्षमताओं पर भरोसा रखकर अपने बल पर जीवन यात्रा पूरी करता है, जबकि सामान्य व्यक्ति अन्य लोगों का पिछलग्गू बनकर दूसरों का सहारा पकडता है। महान व्यक्ति ऊंची से ऊंची मंजिल तक पहुंच जाते हैं, तो परावलम्बी बीच में ही लटके रहते हैं। वे किधर के भी नहीं रहते।

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