अनमोल वचन

अनमोल वचन

हारता वह है, जिसका विश्वास टूटता है। युद्ध में आत्मविश्वासी यौद्धा कभी हार नहीं मानते और जब वह विजयी होते हैं, उसका अहंकार नहीं करते। इस विजय और सफलता का सारा श्रेय सर्वशक्तिमान ईश्वर को देते हैं। विजय पर इठलाते, इतराते घूमते नहीं, बल्कि उस विजय को दूसरों के लिये अर्पित कर देते हैं। आत्मविश्वासी को न तो सफलता उन्मादी बनाती है और न ही विफलता उसे डराती है, न बाधा बनती है। उसकी विफलताएं उसे अपनी कमियों और दुर्गुणों को पहचानने में और उनको दूर करने में मददगार सिद्ध होती हैं। वह सूक्ष्मता से देखता है कि त्रुटि कहां रह गई, जिस कारण उसे विफलता हाथ लगी और उसी क्षण उन सभी कमियों को दूर करते हुए सफलता के लिये प्रयास करने लग जाता है। इस कार्य में न तो वह थकता है, न रूकता है, बल्कि सदैव प्रयासशील रहता है। इसके विपरीत अहंकारी व्यक्ति सफलता पाते ही सातवें आसमान पर उडने लगता है। सफलता के क्षण में वह स्वयं को ही सर्वोपरि मानकर दूसरों को क्षुद्र एवं तुच्छ समझने लगता है और यहीं से ही उसका अवसान आरम्भ हो जाता है, जबकि आत्मविश्वासी प्रगति के मार्ग पर बढता हुआ उन्नति के शिखरों को छूता है।

Share it
Share it
Share it
Top