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  • अनमोल वचन

    सांसारिक रिश्ते चाहे पारिवारिक हो अथवा सामाजिक उनमें एक दूसरे से अधिक अपेक्षाएं नहीं रखनी चाहिए। अपेक्षाएं रखना कभी-कभी बहुत महंगा साबित होता है, जैसे मैंने अमुक के लिए इतना कुछ किया, उसने मेरे लिए क्या किया। इस प्रकार का हिसाब मन में बोझ पैदा करता है, जिसे ढोना और निभा पाना कठिन होता है। ऐसा...

  • अनमोल वचन

    गीता में भगवान कृष्ण कहते हैं 'तू मुझमें ही बार-बार अपना मन लगा, मेरा ध्यान कर तो तू मुझे ही प्राप्त होगा? यदि व्यक्ति जीवन भर बुरे कर्म करता है और फिर सच्चे मन से अपने बुरे कर्मों को स्वीकार करके भगवान के प्रति अच्छा काम करता है, तो भी भगवान उसे स्वीकार कर लेते हैं। इन्सान और भगवान में यही अन्तर...

  • अनमोल वचन

    मां और उसके बच्चे का रिश्ता इस संसार में सबसे अधिक भावनात्मक होता है। मां के पेट से जन्म लेकर जब बच्चा इस दुनिया में आंखें खोलता है, तब उसके साथ पिता, भाई-बहन, दादा-दादी, नाना-नानी, चाचा-चाची, मामा-मामी जैसे पवित्र रिश्ते अपने आप ही जुड जाते हैं। जैसे-जैसे वह जीवन की डगर पर आगे बढता है, उसके रिश्ते...

  • अनमोल वचन

    रिश्तों से मनुष्य का जन्मजात सम्बन्ध है। बच्चे के पैदा होते ही उसके रिश्ते बन जाते हैं और इनका अंत तभी होता है, जब मृत्यु हो जाती है। रिश्ते ही हैं जो एक मनुष्य को दूसरे मनुष्य से जोडते हैं। यदि किसी के साथ व्यक्ति का कोई रिश्ता नहीं है, तो भी इन्सानियत का रिश्ता तो हर किसी के साथ होता है। रिश्ते...

  • अनमोल वचन

    जैसे बिगडैल बैल से जवां मर्द जूझता है, वैसे ही हमें समस्याओं से जूझना होगा, तभी उनसे निजात मिलेगी। समस्याओं से भागना नहीं, उनका स्वागत करना है। प्रगति के मूल में समस्याएं हैं। समस्याएं अन्तहीन हैं। जिंदगी नदी की तरह एक प्रवाह है, जो किनारों से टकराती हुई सागर तक की यात्रा करती है। प्रकृति का विधान...

  • अनमोल वचन

    जिंदगी जिंदादिली का नाम है, मुर्दादिल क्या खाक जिया करते हैं। शायर ने जीवन के ऊपर एक सार्थक टिप्पणी की है। जब तक जियो दिल से जियो, मुर्दा दिली से जीने का कोई अर्थ नहीं। जीवन जीने की सार्थकता इसी में है, वह लक्ष्य की ओर पूरी तरह से समर्पित हो। जीवन का हर पल इस ढंग से जिया जाये कि कल जब इस पल को...

  • अनमोल वचन

    पूरे विश्व में ईश्वर प्रेम सार्वभौम है। संसार के सभी धर्म के लोग अपने-अपने ढंग से ईश्वर की प्रार्थना करते हैं। प्रार्थना से हमारा जीवन उत्कृष्ट, उत्तम बनता है, मन में संतोष एवं प्रसन्नता रहती है, हमारे भीतर दैवीय शक्ति, साहस और शुभ कर्म करने की भावना जागृत होती है। प्रार्थना से शान्तिपूर्ण भाव...

  • अनमोल वचन

    अस्त-व्यस्त और अनियमित जीवन जीने वाले अपनी असफलताओं का दोष दूसरों पर मढते हैं अथवा दुर्भाग्य का रोना रोते हैं। ऐसे लोग लम्बी योजना बनाकर उस पर निश्चयपूर्वक और नियमित रूप से चलते रहना तो दूर अपनी दिनचर्या बनाने तक की आवश्यकता नहीं समझते और जीवन के बहुमूल्य समय को व्यर्थ की गपशप में अथवा आलस्य प्रमाद...

  • अनमोल वचन

    मानवीय प्रगति के मार्ग में अत्यंत छोटी, परन्तु भयानक बाधा है अनियमितता की आदत। बहुधा लोग अस्त-व्यस्त पाये जाते हैं। हवा के झोके के साथ उडते रहने वाले पत्तों की भांति कभी इधर, कभी उधर कूदते-फुदकते रहते हैं। निश्चित दिशा न होने से परिश्रम और समय व्यर्थ बर्बाद होता रहता है। धीमी चाल से नियोजित तरीके...

  • अनमोल वचन

    हमें जीवन में अनेक बार सत्संग में जाने का अवसर मिलता है। अधिकांशत: तो सत्संग में भक्ति भाव वाले ही जाते हैं, किन्तु कुछ औपचारिकता वश। कभी-कभी पहुंचे हुए संत द्वारा ऐसे शिक्षाप्रद वचन कह दिये जाते हैं, जो मन को छू जाते हैं। बुरी आदतों का अभ्यासी भी उन आदतों को छोडने का संकल्प कर लेता है। जिनकी इच्छा...

  • अनमोल वचन

    जीवन के हर कार्य को नियम से, व्यवस्थित तरीके से और समय से करना एक अच्छी आदत है। उन्नति के मार्ग नियमितता की आदत से खुलते हैं। यह बनाई जाती है, भले ही उनका अभ्यास योजना बनाकर किया गया हो अथवा रूझान, वातावरण, परिस्थिति अथवा अच्छे सम्पर्कों आदि के कारणों से अनायास ही बनता चला गया हो। आदतें ही मनुष्य...

  • अनमोल वचन

    विचार व्यक्ति को केवल दिशा देते हैं और आदतें मनुष्य को किसी निर्धारित दिशा में चलने के लिये न केवल प्रेरणा देती है, वरन कई बार तो उसे वे अपने अनुरूप करा लेने को विवश तक कर देती हैं। भले ही परिस्थितियां अनुकूल न हों। नशाखोरी जैसी आदतें इसका उदाहरण हैं। स्वास्थ्य, पैसा, यश आदि की हानियों को समझते हुए...

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