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  • अनमोल वचन

    गृहस्थ जीवन के जितने भी सुख हैं, वे सब दाम्पत्य जीवन की सफलता में सन्निहित हैं। दाम्पत्य जीवन सुखी न हुआ तो अनेक प्रकार के वैभव होने पर भी मनुष्य सुखी-सन्तुष्ट तथा स्थिर चित्त न रह पायेगा। जिनके दाम्पत्य जीवन में किसी प्रकार का क्लेश, कटुता तथा संघर्ष नहीं होता, वे लोग बल, उत्साह और साहस युक्त बने...

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    दुनिया में तरक्की वही करता है, जो कर्मवीर है, गतिशील है, क्रियाशील है। कर्मठता ही सफलता की कुंजी है। अकर्मण्य व्यक्ति का तो भाग्य सो जाता है, उसकी उन्नति की राह अवरूद्ध हो जाती है। सम्भव है कि वह संयोग, प्रारब्ध अथवा परिस्थितियोंवश बहुत कुछ सम्पदा भी पा सकता है और उस सम्पदा के प्रमाद में भूलकर अपने...

  • अनमोल वचन

    आज गोपाष्टमी है। गौसंवर्धन देश की धार्मिक, आध्यात्मिक, सामाजिक, आर्थिक, भौतिक, व्यवहारिक, लौकिक, पारलौकिक, प्राकृतिक एवं प्राथमिक आवश्यकता है। गाय की सेवा धर्म, अर्थ, काम, मोक्ष ये चारों पुरूषार्थ प्राप्त करने का सर्वसुलभ और श्रेष्ठ वैज्ञानिक साधन हैं। गौ माता की पूजा और सेवा करने वाले व्यक्ति को...

  • अनमोल वचन

    संसार में जितने भी महापुरूष हुए हैं, महापुरूष होने से पहले उनमें से कोई भी यह नहीं जानता था कि उनमें इतनी अपार शक्ति भरी हुई है। अपनी इस शक्ति की पहचान उन्हें तब ही हुई, जब उन्होंने कार्य क्षेत्र में पदार्पण किया। कर्म में प्रवृत्त होते ही मनुष्य के शक्ति कोष खुल जाते हैं। ज्यों-ज्यों मनुष्य...

  • अनमोल वचन

    आज हर परिवार में मां-बाप बच्चों को उपदेश तो बहुत देते हैं, किन्तु उन नसीहतों के अनुरूप स्वयं आचरण नहीं करते। आज आवश्यकता है उन व्यर्थ के उपदेशों से मुक्ति की ओर जहां आज समाज और प्रत्येक परिवार खडा है, वहां से प्रत्येक परिवार को सही दिशा में प्रगति करने की। घर में प्रत्येक का चरित्र ठीक करना होगा...

  • अनमोल वचन

    संसार में गतिशील, क्रियाशील और सुरक्षित रहने के लिये एक मात्र साधन शक्ति ही है। मनुष्य में शक्ति का एक अथाह भंडार भरा हुआ है, किन्तु यदि उसका उपयोग न किया जाये तो वह बेकार हो जाता है। जिस प्रकार यज्ञ में आहूति पर आहूति देते रहने से ज्वाला जलती रहती है, उसी प्रकार कर्म करते रहने से ही कर्म करने की...

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    जो अशक्त है, वह दूसरों के लिये नित नई-नई समस्याएं पैदा करता है, वह न भौतिक उन्नति कर सकता है, न ही आध्यात्मिक। यदि कोई अशक्त व्यक्ति चाहे कि वह संसार के संघर्ष में वह टिक नहीं पायेगा तो एकान्त में बैठकर, संसार से दूर रहकर आध्यात्मिक लाभ ही प्राप्त कर लेगा तो वह भूल करता है। वह भ्रम में है। आध्यात्म...

  • अनमोल वचन

    शक्ति के बिना संसार का कोई कार्य नहीं हो सकता। शक्ति से धरती अन्न देती है, शक्ति से सारे कल कारखाने चलते हैं, शक्ति से वनस्पति फलती-फूलती है और शक्ति से ही विश्व ब्रह्मांड का संचालन होता है। शक्ति के बिना संसार में एक पत्ता भी नहीं हिल सकता। स्वछन्द, कम्पन, सिहरन तथा संचालन आदि सारी क्रियाएं शक्ति...

  • अनमोल वचन

    जीवन का दूसरा नाम शक्ति है। बिना शक्ति के एक तो जीवन का होना ही कठिन है, फिर यदि जीवन रहे भी तो अशक्त जीवन मृत्यु से भी अधिक बुरा है। जो सुखी रहना चाहता है, प्रसन्न रहना चाहता है, सन्तुष्टि चाहता है, उसे सशक्त बनना चाहिए। अशक्त व्यक्ति पर सुख की प्रतिक्रिया भी विपरीत होती है। जो असशक्त है, निर्जीव...

  • अनमोल वचन

    एक दिवस पूर्व (परसो दीपावली की शाम) घर-घर में मां लक्ष्मी-श्रीगणेश एवं दीपकों का पूजन किया गया। दीपकों और बल्बों की लडियों से पूरे घर को सजाया गया। हर स्थान पर लोग प्रसन्न दिखाई दे रहे थे, पर इसी के साथ जो क्रदंन, बरबादी, जनहानि, पर्यावरण के साथ खिलवाड का दृश्य दिखाई दिया, वह भुलाया नहीं जा सकता।...

  • अनमोल वचन

    आत्मा ही सच्चा दीपक है। जब हम देहरूपी मिट्टी के दीये में आत्मा रूपी ज्योति जलाकर परम ज्योति परमात्मा से सम्बन्ध जोडते हैं, तभी हमारी आत्मा पावन बनती है। आज के समय अमावस्या की काली रात्रि की भांति चारों ओर अज्ञान का अन्धकार छाया है, कुछ सूझ नहीं रहा, मानव भ्रमित है। आत्मा की ज्योति बुझ रही है, चारों...

  • अनमोल वचन

    दीपावली के शुभ पर्व पर हममें से अधिकांश लोग यज्ञ-हवन के स्थान पर पटाखे, बम आदि छोडकर अपने वैभव का प्रदर्शन करते हैं, जो पाप है। आज के समय वायु प्रदूषण और तापमान बढने की समस्या से सारी दुनिया त्रस्त है और हम पटाखे और आतिशबाजी चलाकर उस समस्या में और वृद्धि कर रहे हैं। आईये विचार करें- क्या हम अपने धन...

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