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  • अनमोल वचन

    हमारी सफलता के मार्ग में मुख्यतया दो प्रकार की बाधाएं होती हैं- एक आंतरिक, दूसरी बाह्य। बाहरी परिस्थितियों की तुलना में आंतरिक बाधाओं का महत्व अधिक है, क्योंकि बाहरी परिस्थितियों पर हमारा पूर्ण नियंत्रण नहीं होता। कुछ सीमा तक ही हम इन्हें नियंत्रित कर पाते हैं, जबकि दूसरा पक्ष अधिक महत्वपूर्ण और...

  • अनमोल वचन

    सफलता के मार्ग में बहुत सी बाधाएं होती हैं, जिनको जानना, समझना, स्वीकारना और उन्हें दूर करना आवश्यक होता है। अधिकांश लोग अपनी असफलताओं को अपना भाग्य मानकर स्वीकार कर लेते हैं। उनके सारे प्रयास उस असफलता के साथ ही रूक जाते हैं, अपनी असफलता से निराश, हताश हो जाते हैं। इस हताशा और निराशा से जन्म होता...

  • अनमोल वचन

    जीवन में हर व्यक्ति आगे बढना चाहता है, विकास करना चाहता है, सफल होना चाहता है, किन्तु यह सकारात्मक परिवर्तन तभी सम्भव हो पाता है, जब हम अपनी आराम पसन्द जिंदगी से बाहर निकलें, संघर्ष करें, अपनी उन कमियों के विरूद्ध हो हमारे मार्ग में बाधक हैं, किन्तु हर किसी के लिये यह सम्भव नहीं हो पाता। सफलता की...

  • अनमोल वचन

    संसार में कोई ऐसा व्यक्ति नहीं होगा, जो सुख से रहना न चाहता हो, जिसे खुशियों की तलाश न हो। वह सदा खुशियां तलाशता है, पूरा जीवन तलाशता है, फिर भी उसे वह तृप्ति नहीं मिल पाती, जिसकी वह तलाश करता है। वह शांति, वह सकून उसको नहीं मिल पाता, जो उसे आत्म सन्तुष्टि दे सके, जीवन की सार्थकता का अनुभव करा...

  • अनमोल वचन

    जीवन का हर पल हमें कुछ न कुछ सिखाकर जाता है, परन्तु यदि व्यक्ति बिल्कुल भी होश में नहीं है तो वह इसका कुछ लाभ नहीं ले सकता, अन्यथा जीवन में मिलने वाली असफलताएं, परेशानियां, चुनौतियां, अपमान, मानसिक एवं शारीरिक कष्ट यह बताते हैं कि जीवन जीने में कहीं भूल हुई है, जिसका परिणाम आज भुगतना पड रहा है। यदि...

  • अनमोल वचन

    संसार में ऐसे पर्याप्त लोग मिलेंगे, जो बिना मांगे दूसरों को परामर्श देने का प्रयास करते रहते हैं। स्वयं अपना काम बिगाडे बैठे होते हैं, परन्तु दूसरों का मार्गदर्शन करने का उपक्रम करते रहते हैं। अपना काम छोडकर दूसरों के द्वार जाते हैं। ऐसे लोग सम्मान की दृष्टि से नही देखे जाते, जो कहते कुछ हैं और...

  • अनमोल वचन

    सम्मान प्राप्त करने की चाहत सभी में होती है। संसार में शायद ही कोई व्यक्ति होगा, जो दूसरों से सम्मान प्राप्त करना नहीं चाहेगा और सम्मान प्राप्ति के लिये तरह-तरह के प्रयास न करता होगा। सम्मान का जीवन में बहुत महत्व है। सम्मान के बिना जीवन ठीक वैसा ही है, जैसे जल के बिना नदी। सम्मान एक ऐसी दुर्लभ...

  • अनमोल वचन

    श्रद्धा से शून्य बुद्धि अपंग है। यदि केवल बुद्धि सर्वशक्ति सम्पन्न होती है तो समस्त ज्ञानी लोग मोक्ष प्राप्ति कर चुके होते। जहां बुद्धि ठहर जाती है, वहां श्रद्धा तथा विश्वास के बल पर ही मानव सफलता के मार्ग तक पहुंच सकता है। ज्ञानी समर्पण नहीं पाता, जबकि श्रद्धालू भक्त समर्पण कर देता है, क्योंकि...

  • अनमोल वचन

    सत्य क्या है, उसकी परिभाषा क्या है? जो जैसा है, उसे उसी रूप में देखना, उसी रूप में ग्रहण करना, न कुछ बढाना, न कुछ घटाना अर्थात सरलता ही सत्य है, सत्य बोलना कठिन नहीं, जो वास्तविकता है, उसे ही कहना है। सत्य में जोडना, घटाना और गुणा-भाग नहीं करना पडता। झूठ बोलना इसके ठीक विपरीत है, जो नहीं है, वही...

  • अनमोल वचन

    संसार में जितने भी कारणों से मनुष्य में भय उत्पन्न होता है, उन सबमें सबसे बडा कारण मृत्यु का भय है। सभी जानते हैं कि मृत्यु अवश्यम्भावी है, कोई भी उसे टालने में समर्थ नहीं है, फिर भी हम मृत्यु के भय से आक्रान्त रहते हैं। वास्तव में मृत्यु भय का कारण है अविद्या। अविद्या से उत्पन्न अज्ञान के कारण भय...

  • अनमोल वचन

    भय मन की प्रबल वृत्ति है, जो सभी जीवों में विद्यमान है। इससे हर कोई छुटकारा पाना चाहता है। मानव तो इससे छुटने के लिये सदैव प्रयत्नशील रहता है, परन्तु भय किसी न किसी रूप में मनुष्य के पीछे लगा रहता है। भय कई आयामों में प्रकट होता है, कभी भविष्य की अनिश्चितता के कारण तो कभी अभाव के कारण, कभी बच्चों...

  • अनमोल वचन

    आदमी के अन्दर यदि कोई विशेष योग्यता है तो उसका प्रदर्शन तो करना चाहिए, ताकि उसका लाभ दूसरे उठा सकें, किन्तु उस योग्यता पर अहंकार किया जाने लगे तो वह योग्यता फीकी पडने लगती है और वह व्यक्ति अवनति की ओर जाने लगता है। रावण ज्ञानी था, वैज्ञानिक था, यौद्धा था, किन्तु अहंकार उसे ले डूबा, उसका सब कुछ नष्ट...

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