शाह की जींद रैली रही विफल, कुर्सियां भी रहीं खाली: हुड्डा

शाह की जींद रैली रही विफल, कुर्सियां भी रहीं खाली: हुड्डा


चंड़ीगढ़।हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने आज कहा कि भारतीय जनता पार्टी(भाजपा) अध्यक्ष अमित शाह की आज जींद में हुई 'युवा हुंकार रैली' पूरी तरह विफल रही और लोगों इससे केवल निराशा ही हाथ लगी।
हुड्डा ने यहां जारी एक बयान में कहा कि शाह ने राज्य के किसानों, जवानों और खिलाड़ियों के तारीफों के पुल तो बांधे पर उनके कल्याण के लिए कोई घोषणा नहीं की। उन्हाेंने दावा किया कि कुल मिलाकर इस रैली से राज्य पर बोझ साबित हुई और इससे आम जनता को निराशा हाथ लगी। यहां तक कि इसमें शामिल भाजपा कार्यकर्ता भी मायूस होकर घर लौटे।
उन्होंने कहा कि रैली में ज्यादातर खाली रहीं कुर्सियाँ इस बात की ओर स्पष्ट संकेत करतीं है कि प्रदेश की जनता का भाजपा से पूरी तरह मोहभंग हो चुका है और उसकी भाजपा नेताओं के खाली जुमले सुनने में कोई रुचि नहीं है। अलबत्ता जनता यह जानना चाहती है कि इस रैली का मकसद क्या था।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने दावा कि इस रैली के लिये केवल केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती पर राज्य के खजाने से लगभग 22 करोड़ रूपये निकल गये जबकि अन्य खर्चे तो इससे अलग हैं। उन्होंने कहा कि रैली में भाजपा नेता ये दावे करते रहे कि केंद्र सरकार ने किसानों की आमदनी दुगनी कर दी है लेकिन वे यह स्पष्ट नहीं कर सकेे कि आमदनी दुगुनी कैसे हो गई। जबकि जमीनी हकीकत यह है कि मंडियों में किसानों को अपनी फसल का पिछली कांग्रेस सरकार के शासन में मिले भाव का आधा भी नहीं मिल रहा है।
हुड्डा ने दावा किया कि भाजपा नेताओं ने रैली में पहुंचने के लिये बिना नम्बर की मोटरसाइकलों का इस्तेमाल किया जो कि यातायात नियमों का खुल्लमखुल्ला उल्लंघन है। यहां तक कि मोटरसाइकलों पर सवार लोगों के सिर पर हैल्मेट भी नहीं थे। उन्होंने कहा कि अगर प्रदेश का मुखिया और उसके साथी यातायात के नियम तोड़ेंगे तो फिर आम आदमी से इनका पालन करने की उम्मीद कैसे की जा सकती है।

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