मुजफ्फरपुर बालिका गृह कांड पर विपक्ष के हंगामे के कारण विधानसभा की कार्यवाही स्थगित

मुजफ्फरपुर बालिका गृह कांड पर विपक्ष के हंगामे के कारण विधानसभा की कार्यवाही स्थगित


पटना। मुजफ्फरपुर बालिका गृह कांड के मुख्य आरोपी ब्रजेश ठाकुर की सीडीआर तथा डायरी सार्वजनिक करने की मांग तथा राज्य की बेटियों के साथ हो रहे संस्थागत बलात्कार पर गुरुवार को विपक्ष ने बिहार विधानसभा में जोरदार हंगामा किया जिसके बाद सभा की कार्यवाही भोजन अवकाश तक के लिए स्थगित कर दी गई।

इस मुद्दे पर राजद के ललित यादव तथा अन्य सदस्यों की तरफ से दी गई कार्य स्थगन सूचना नियमानुसार नहीं होने के कारण विधानसभा के अध्यक्ष विजय चौधरी ने अमान्य कर दी।इसके बाद विपक्ष के सदस्यों ने हंगामा करना शुरू कर दिया। हालांकि अध्यक्ष की अनुमति से कार्य स्थगन की सूचना को ललित यादव ने पढ़ा और विधानसभा के सभी कार्यों को स्थगित कर इस मुद्दे पर बहस कराने की मांग की। इस पर विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि इस मामले की जांच सीबीआई कर रही है जिसकी सर्वोच्च न्यायालय मॉनिटरिंग भी कर रहा है इसलिए इस विषय पर सदन में बहस नहीं की जा सकती। उन्होंने हंगामा कर रहे सदस्यों से सर्वोच्च न्यायालय तथा सीबीआई पर भरोसा करने का अनुरोध किया।

प्रतिपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने हस्तक्षेप करते हुए पूरे मामले को अत्यंत गंभीर बताया और कहा कि सदन के अंदर मुख्यमंत्री ने कानून -व्यवस्था के मामले में ऑल इज वेल कहा है जबकि स्थिति अत्यंत खराब है।

कार्य स्थगन की सूचना को स्वीकार कर इस पर बहस कराने की तेजस्वी यादव की मांग पर हस्तक्षेप करते हुए संसदीय कार्य मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि सदन निर्धारित नियमावली के तहत चलता है और नियमानुसार नहीं रहने पर किसी विषय पर बहस नहीं हो सकती।

इस पर तेजस्वी यादव ने मुजफ्फरपुर बालिका गृह कांड की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी का हवाला देते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने कहा है बिहार में बेहद डरावना और भयावह माहौल है। उन्होंने कहा कि एक ओर सुप्रीम कोर्ट ऐसी टिप्पणी कर रहा है और दूसरी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार राज्य में ऑल इज वेल कह रहे हैं। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने भी बिहार में ऑल इज नॉट वेल माना है। मुजफ्फरपुर की घटना को दुर्भाग्यपूर्ण और अमानवीय बताते हुए तेजस्वी यादव ने कहा कि राज्य सरकार कानून और व्यवस्था बहाल करने में पूरी तरह विफल है।

इस बीच हंगामा कर रहे राजद के सदस्य शोरगुल करते हुए सदन के बीचो बीच आ गए।

इससे पहले राजद के कार्य स्थगन प्रस्ताव के अमान्य होते ही भाकपा माले के सत्यदेव राम ने गरीबों पर अत्याचार का मामला उठाया और राजद सदस्यों के हंगामे के दौरान भाकपा माले के सदस्य भी सदन के बीचो बीच आ गए ।

शोरगुल और हंगामे के बीच सदन को अव्यवस्थित होता देख सभा अध्यक्ष ने विधानसभा की कार्यवाही भोजन अवकाश 2 बजे दिन तक के लिए स्थगित कर दी ।

इससे पहले कार्य स्थगन की अपनी सूचना पढ़ते हुए राजद के ललित यादव ने कहा कि मुजफ्फरपुर बालिका अल्प आवास सहित राज्य के लगभग 16 आवास गृह कांडों ने बिहार को पूरे देश में बदनाम किया है। अनेक अबोध, अनाथ, बेसहारा बच्चियों के साथ बलात्कार की वीभत्स एवं घृणित घटनाएं हुई हैं और इसके विरोध में आवाज उठाने वाली बच्चियों के साथ बेरहमी से मारपीट की गयी और उनकी हत्या तक करवा दी गई।

उन्होंने कहा कि एसआईटी जांच के नाम पर राज्य सरकार ने अभिलेखों को नष्ट कराया ,बच्चियों को अन्यत्र हटाया अथवा गायब कराया और दोषियों को बचाया। सरकार ने जानबूझकर जांच में विलंब किया और जांच कार्य में लगे अधिकारियों का स्थानांतरण तक कर दिया गया। मुजफ्फरपुर बालिका गृह से मधुबनी लाई गई बच्चियों की यथास्थिति से सदन को अवगत कराने की सरकार से मांग करते हुए घटना के मुख्य आरोपी ब्रजेश ठाकुर की सीडीआर एवं जेल से जब्त डायरी के डिटेल्स को भी सार्वजनिक करने की मांग की। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने इस कांड को संस्थागत बलात्कार माना है और सरकार की अक्षमता पर बार-बार कड़ी आपत्ति की है। कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवहेलना करते हुए विगत जनवरी माह में जांच में लगे महत्वपूर्ण अधिकारी को स्थानांतरित कर दिया गया।

बाद में विधानसभा परिसर में पत्रकारों के साथ बातचीत करते हुए तेजस्वी यादव ने कहा कि मुजफ्फरपुर बालिका गृह यौन शोषण मामले में मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री पर अपराधियों को संरक्षण देने के आरोप में एफ आई आर दर्ज किया जाना चाहिए । उन्होंने कहा कि बालिका गृह कांड में जिस तरीके से षड्यंत्र रचा गया है उसमें सीधा एफ आई आर किया जा सकता है ।

उन्होंने कहा कि मुजफ्फरपुर बालिका गृह कांड के मुख्य अभियुक्त ब्रजेश ठाकुर जनता दल यू के सदस्य हैं और जिस मंत्री का नाम आ रहा है वह उपमुख्यमंत्री के अत्यंत करीबी हैं। उन्होंने कहा कि मुजफ्फरपुर बालिका गृह से बच्चियों को मधुबनी के जिस बालिका गृह में स्थानांतरित किया गया है वह मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के अत्यंत करीबी एक नेता का है। ब्रजेश ठाकुर के सीडीआर तथा जब्त डायरी को सार्वजनिक करने की मांग करते हुए तेजस्वी यादव ने कहा कि इससे कई लोगों के चेहरे उजागर हो जाएंगे ।

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