दस प्रतिशत आरक्षण मोदी का एक और राजनीतिक स्टंट : पवार

दस प्रतिशत आरक्षण मोदी का एक और राजनीतिक स्टंट : पवार


कोल्हापुर । राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (रांकापा) अध्यक्ष शरद पवार ने सामान्य वर्ग के आर्थिक कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण को राजनीतिक प्रपंच बताते हुए कहा कि यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक और राजनीतिक स्टंट है।

पवार ने रविवार को यहां प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि श्री मोदी अपनी सरकार से नाखुश और बदलाव के आकांक्षी जनता के मूड को बहकाने का उपक्रम कर रहे हैं। आरक्षण का यह कदम भी तीन राज्यों के विधानसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी(भाजपा) की हार के परिप्रेक्ष्य में उठाया गया है।

उन्होंने सामान्य वर्ग के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण दिये जाने संबंधी प्रावधान को लेकर आशंका जताते हुए कहा कि इस मामले में कानूनी अड़चनें आ सकती है। उन्होंने कहा, " उच्चतम न्यायालय पहलेे ही स्पष्ट कर चुका है कि सरकार 50 प्रतिशत से अधिक आरक्षण नहीं दे सकती। यही नहीं, संसद को संविधान के साथ खिलवाड़ करने का अधिकार नहीं है।"

उन्होंने कहा कि आरक्षण कोटा के कानूनी परीक्षण में खरा नहीं उतरने का दावा किया और कहा कि यह 50 प्रतिशत आरक्षण कोटे का दायरा लांघ चुका है तथा संविधान के बुनियादी ढांचे को भी रद्दोबदल किया है।

उन्हाेंने आरोप लगाया कि लघु और मध्यम उद्यम के लिए राहत भी भारतीय उद्यमियों को मूर्ख बनाने का स्टंट है तथा किसी को भी इसका लाभ नहीं मिलेगा। केंद्र सरकार की उचित पारिश्रमिक मूल्य योजना(एफआरपी) का मखौल उड़ाते हुए उन्होंने कहा कि शक्कर कारखाना मालिकों के लिए एक बार में एफआरपी का भुगतान कर पाना संभव नहीं है और इसके लिए उन्हें बैंक से ऋण की जरुरत पड़ेगी।

सीटों के आवंटन को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के साथ बैठक के संबंध में श्री पवार ने कहा कि महाराष्ट्र की 48 लोकसभा सीटों में से केवल अमरावती, जालना और औरंगाबाद सीट को लेकर विरोधाभाष है जिस पर सर्वसम्मति नहीं बन पायी, लेकिन अब निर्णय लिया गया है कि संबंधित सीट पर जो प्रभावी संघर्ष कर सकेगा, उसे ही ये सीटें दी जायेगी।

संयुक्त चुनाव प्रचार के संबंध में श्री पवार ने कहा कि श्री गांधी मुंबई, पुणे, औरंगाबाद और नासिक जैसे प्रमुख शहरों में मिलकर प्रचार कर सकते हैं।


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