एन पी प्रजापति अध्यक्ष निर्वाचित, भाजपा ने किया बहिष्कार

एन पी प्रजापति अध्यक्ष निर्वाचित, भाजपा ने किया बहिष्कार


भोपाल, 08 जनवरी (वार्ता) मध्यप्रदेश विधानसभा में आज अध्यक्ष पद के निर्वाचन को लेकर हुए जबर्दस्त हंगामे के बीच मुख्य विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायकों ने कार्यवाही का बहिष्कार किया। वहीं हंगामे के बीच कार्यवाही दो बार स्थगित होने के बाद एक विधायक के मत विभाजन की मांग के बाद हुए मतदान में अध्यक्ष पद के कांग्रेस उम्मीदवार एन पी प्रजापति को निर्वाचित घोषित कर दिया गया।

भाजपा के बहिष्कार के बीच अध्यक्ष पद के कांग्रेस उम्मीदवार एन पी प्रजापति के पक्ष में 120 विधायकों ने वोट डाले और उन्हें निर्वाचित घोषित कर दिया गया। उन्होंने इसके बाद बाकायदा अध्यक्ष पद भी संभाल लिया। उन्हें मुख्यमंत्री कमलनाथ और संसदीय कार्य मंत्री डॉ गोविंद सिंह समेत मंत्रियों और विधायकों ने शुभकामनाएं प्रेषित कीं। वहीं भाजपा ने चुनाव में प्रोटेम स्पीकर दीपक सक्सेना पर मनमाना रवैया अपनाने का आरोप लगाया और कहा कि उन्होंने कांग्रेस की ओर से आए श्री प्रजापति के पक्ष वाले चार प्रस्तावों को पढ़ा, जबकि भाजपा उम्मीदवार विजय शाह के पक्ष में प्रस्ताव को कार्यसूची में होने के बावजूद नहीं पढ़ा गया।

पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विधानसभा परिसर में पत्रकारों से कहा कि उनकी ओर से श्री शाह को अध्यक्ष पद का उम्मीदवार बताते हुए प्रस्ताव पेश किया गया था। इसे कार्यसूची में शामिल किए जाने के बावजूद सदन में पढ़ने नहीं दिया गया। यही नहीं प्रोटेम स्पीकर ने सिर्फ कांग्रेस की ओर से पेश किए चार प्रस्ताव पढ़े और श्री प्रजापति को निर्वाचित भी घोषित कर दिया। इसलिए भाजपा ने सदन की कार्यवाही का बहिष्कार किया और सभी भाजपा विधायक पैदल मार्च करते हुए विधानसभा से राजभवन पहुंचेंगे और राज्यपाल को ज्ञापन देंगे।

वहीं संसदीय कार्य मंत्री डॉ गोविंद सिंह ने भाजपा पर इस मामले में राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा के पास बहुमत नहीं है। कांग्रेस के पास बहुमत है और आज उसने यह साबित भी कर दिया है। मुख्यमंत्री कमलनाथ का भी कहना है कि कांग्रेस ने अध्यक्ष पद के चुनाव के जरिए साबित कर दिया है कि मौजूदा सरकार बहुमत वाली सरकार है।

डॉ गोविंद सिंह ने आरोप लगाया है कि भाजपा के पास बहुमत नहीं है। इसके बावजूद उसने अध्यक्ष पद का उम्मीदवार उतारा। डॉ सिंह ने विधानसभा परिसर में पत्रकारों से कहा कि भाजपा नेताओं ने बसपा समेत कुछ विधायकों को अपने पक्ष में करने का प्रयास किया, लेकिन वे सफल नहीं हो पाए। इसलिए अब वे अपनी प्रतिष्ठा बचाने के प्रयास में ऐसा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सदन में विधिवत और नियमों के अनुरूप अध्यक्ष का निर्वाचन हुआ है।

प्रशांत

Share it
Top