मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत का कड़ा रूख...एन.एच. 74 भूमि घोटाले में दो आईएएस निलंबित

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत का कड़ा रूख...एन.एच. 74 भूमि घोटाले में दो आईएएस निलंबित

देहरादून। उत्तराखंड में त्रिवेंद्र सिंह रावत सरकार ने राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच)-74 के मुआवजा घोटाले में कड़ा रुख अख्तियार करते हुए अखिल भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के दो अधिकारियों पंकज कुमार पांडेय और चंद्रेश कुमार यादव को मंगलवार को निलंबित कर दिया।

मुख्यमंत्री श्री त्रिवेंद्र रावत ने आज यहां संवाददाताओं को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि एनएच घोटाले की जांच की परिधि में आने के कारण आईएएस चंद्रेश कुमार यादव और पंकज कुमार पांडेय को निलंबित किया गया है। उन्होंने दोहराया कि किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2०11 से 2०16 के बीच राज्य के कुमायूं मण्डल के ऊधमसिंह नगर जनपद में एनएच 74 के लिए भूमि अधिग्रहण की गई। इसके मुआवजे के वितरण में भूपयोग बदल दिया गया। इसकी शिकायत पर जब तत्कालीन आयुक्त ने जांच की तो इसमें 3०० करोड़ का घोटाला सामने आया। तब तत्कालीन मुख्यमंत्री हरीश रावत ने इसकी जांच पुलिस के विशेष जांच दल (एसआईटी)को सौंप दी। शुरुआती जांच में यह बात सामने आई कि मुआवजा देने के लिए भू-उपयोग बदला गया है। इस संबंध में आयुक्त स्तर पर की गई जांच के बाद आठ पीसीएस को प्रथम ²ष्ट््या आरोपी करार दिया गया है। इनमें से सात निलंबित चल रहे हैं जबकि एक सेवानिवृत्त हो चुके हैं। एसआइटी ने कुछ समय पूर्व शासन को भेजी अपनी जांच रिपोर्ट में पहली बार इस घोटाले में दो आइएएस अधिकारियों की संलिप्तता की बात भी कही। आइएएस

पंकज कुमार पांडेय और आइएएस चंद्रेश यादव जिलाधिकारी के रूप में ऊधमसिंह नगर जिले में इस अवधि में आर्बिट्रेटर की भूमिका में थे। मुआवजा देने में आर्बिट्रेटर की संस्तुति सबसे अहम होती है। एसआइटी रिपोर्ट के बाद शासन ने दोनों के खिलाफ जांच के अनुमति के लिए डीओपीटी को पत्र लिखा था। इसके साथ ही दोनों से स्पष्टीकरण भी तलब किया गया। राज्य के मुख्य सचिव ने बताया कि दोनों आईएएस अब एसआईटी जांच के दौरान कार्मिक विभाग से सम्बद्व रहेंगे। उन्होंने बताया कि दोनों अधिकारियों पर राष्ट्रीय राजमार्ग 74 के लिए भूमि अधिग्रहण संबंधित आर्बिट्रेशन वादों में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1928 एवं राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम 1956 के प्राविधानों तथा केंद्र राज्य सरकार की वित्तीय प्रक्रियाओं शासनादेशों दिशा निर्देशों का उल्लंघन कर सरकारी भूमि को निजी स्वामित्व की भूमि दर्शाए जाने एवं अवैध कब्जेदारों के विरुद्ध विधिक कार्यवाही ना कर के उन्हें लाभार्थी मानते हुए करोड़ों का प्रति कर भुगतान करने के आदेश पारित करते हुए वित्तीय अनियमितता के आरोप हैं। इस संबंध में उधमसिंहनगर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक की ओर से इस वर्ष 1० जुलाई को भेजे गये पत्र के साथ विशेष जांच दल की विवेचनात्मक जांच के आधार पर पंकज कुमार पांडेय और चंद्रेश कुमार यादव दोनों तत्कालीन जिलाधिकारी/आरबीट्रेटर उधमसिंह नगर एन एच 74 के विरुद्ध प्रथम दृष्टया आरोपों की पुष्टि होने पर उनके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही के पश्चात दंड दिया जा सकता है। इसलिए अखिल भारतीय सेवाएं अनुशासन एवं अपील रूल्स 1969 के नियम के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए पंकज कुमार पांडे और यादव के विरुद्ध अनुशासनिक विभागीय कार्यवाही की राज्यपाल ने स्वीकृति प्रदान की है।

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