भारत बंद का उत्तराखंड में मिलाजुला असर

भारत बंद का उत्तराखंड में मिलाजुला असर


देहरादून । एससी-एसटी एक्ट में संशोधन के विरोध में विभिन्न संगठनों की ओर से भारत बंद के आह्वान पर गरुवार सुबह 11 बजे तक उत्तराखंड में बंद का मिलाजुला असर देखने को मिला। राजधानी देहरादून में अधिकतर दुकानें व बाजार रोज की तरह खुले है। चमोली जिले में भारत बंद का मिलाजुला असर है। कुछ दुकानें खुली हैं तो कुछ बंद है शांति व्यवस्था के लिए पुलिस गस्त कर रही है।

राजधानी में नव भारत निर्माण संस्था के बैनर तले लोगों ने आरक्षण हटाओ, देश बचाओ के नारे के साथ देहरादून शहर में जुलूस निकाला। साथ ही जबरदस्त नारेबाजी की। नव भारत निर्माण संस्था ने देहरादून जिला प्रशासन के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संबोधित एक पत्र भेजा है। पत्र में लिखा है कि देश में आरक्षण ने होनहार व योग युवाओं के सपनों को समाप्त कर दिया है। भारत के संविधान निर्माताओं द्वारा आरक्षण को मात्र 10 वर्ष के लिए रखा गया था, लेकिन समय समय पर राजनीतिक दलों ने आरक्षण को सत्ता हथियाने का एक हथियार बना लिया, जिससे देश में असमानता बड़ी है और योग्यता का उपहास हुआ है। आज युवा इस आरक्षण के डसने से भटकाव की ओर है और युवाओं का भटकाव कभी भी विस्फोटक रूप ले सकता है। आरक्षण को रोकने के लिए ज्ञापन के माध्यम से प्रधानमंत्री से मांग किया है कि देश को आरक्षण से मुक्त कराने के लिए संसद में आरक्षण को समाप्त करने का विधेयक लाकर भारत के संविधान में संशोधन कर आरक्षण को समाप्त करने का कार्य किया जाए, ताकि इस देश में कोई भी व्यक्ति चाहे वह किसी भी जाति व धर्म का हो योग्यता के आधार पर नियुक्तियां पा सके और यह राष्ट्र परम वैभव को प्राप्त कर विश्व गुरु बन सके।

नव भारत निर्माण संस्था की ओर से सुभाष जोशी, जितेंद्र सिंह नेगी, महिपाल सिंह कंडारी, पदम सिंह राणा के साथ सैकड़ों युवाओं ने सड़क पर जुलूस निकालकर आरक्षण हटाओ देश बचाओ के नारे लगाए। इस बीच पुलिस बल भी तैनात रही।

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