अटल जी के लिए सबसे पहले अरसे आजम ने मुड़वाया सिर

अटल जी के लिए सबसे पहले अरसे आजम ने मुड़वाया सिर


बेगूसराय। रोज ग्राहकों से गुलजार रहने वाले छौड़ाही गैस एजेंसी का नजारा शनिवार को कुछ बदला-बदला सा दिख रहा था। यहां जुटे करीब 125 लोग सिर को पानी से भिगोकर कर कतारबद्ध बैठे थे। दूसरी ओर चार नाई (ठाकुर) लगातार सिर मुड़ने में व्यस्त थे। मौका था भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी जी की मृत्यु के 10 में दिन क्षौरकर्म (मुंडन/ नखबाल) का। सिर मुंडवाने तथा नाखून कटवाने के साथ क्षौरकर्म की शुरुआत किया मंडल भाजपा अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के अध्यक्ष मोहम्मद अरसे आजम ने ।

उन्होंने सबसे पहले क्षौरकर्म कर स्नान किया। उसके बाद यह सिलसिला दोपहर तक चलता रहा। मोहम्मद अरसे आजम कहते हैं कि मुस्लिम है तो क्या, अटल जी कभी जाति-पाति, धर्म-संप्रदाय का भेदभाव नहीं रखते थे। तो हम क्यों ना उनके संप्रदाय के परंपरा के अनुसार मृत्यु के दशवें दिन क्षौरकर्म तथा द्वादशा के दिन श्राद्ध भोज कर शांति प्रार्थना करें।

कार्यक्रम संयोजक रामकुमार वर्मा एवं भाजपा मंडल अध्यक्ष धर्मेंद्र प्रसाद सिंह ने बताया कि अटल जी के निधन के दिन से ही मर्माहत हम लोगों ने यह निर्णय लिया था। शुक्रवार की देर शाम सिमरिया में आयोजित अस्थि विसर्जन में भी मंडल भाजपा के सैकड़ों कार्यकर्ता शामिल हुए। पौराणिक काल से मान्य परंपरा है कि दाह संस्कार या अस्थि विसर्जन के लिए जाने वाले सभी लोग बाल, नाखून बनवाकर श्राद्ध का अन्न खाते हैं। इसके लिए अटल जी की मृत्यु के दशवें दिन और क्षौरकर्म करवाया है।

संजीव यादव, रामप्रिति ठाकुर आदि ने बताया कि अब द्वादशा के दिन ब्राह्मण, साधु एवं शांति भोज के साथ श्रद्धेय अटल जी को पुष्पांजलि अर्पित करेंगे। मौके पर रामायण पाठ कर ईश्वर से प्रार्थना की जाएगी ताकि भारतीय राजनीति के अजातशत्रु अटल जी को पुनः मानव योनि ही मिले, ताकि वे फिर से मां भारती की सेवा कर सकें। फिलहाल, छौड़ाही मंडल भाजपा के इस अद्भुत कार्यक्रम की हर ओर चर्चा तथा सराहना हो रही है।


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