जल-समाधि कार्यक्रम से पहले दो कांग्रेस विधायक और हार्दिक पटेल पुलिस हिरासत में

जल-समाधि कार्यक्रम से पहले दो कांग्रेस विधायक और हार्दिक पटेल पुलिस हिरासत में



राजकोट। गुजरात कांग्रेस के दो विधायकों और पार्टी समर्थक पाटीदार आरक्षण आंदोलन समिति के नेता हार्दिक पटेल को पुलिस ने आज राजकोट जिले के धोराजी तालुका के भुखी गांव में एक स्थानीय नदी और इस पर बने बांध के जलाशय के औद्योगिक प्रदूषण के विरोध में प्रस्तावित जल-समाधि कार्यक्रम के दौरान हिरासत में ले लिया।

भादर नदी और डैम के प्रदूषण और इसे रोकने में राज्य की भाजपा सरकार की कथित विफलता के विरोध में आज जल-समाधि लेने की घोषणा करने वाले धोराजी के कांग्रेस विधायक ललित वसोया को पुलिस ने भुखी गांव में इससे जुड़े कार्यक्रम के मंच पर संबोधन के बाद उतरते समय हिरासत में ले लिया। उनके अलावा उनके समर्थन में आये हार्दिक पटेल और सावरकुंडला के कांग्रेस विधायक प्रदीप दुधात को भी हिरासत में ले लिया गया। इनके साथ ही गांव के सरपंच को भी पुलिस ने पकड़ लिया। इन सभी को कुछ अन्य लोगों के साथ पुलिस जेतपुर ले गयी।

श्री वसोया, जो पूर्व में हार्दिक के संगठन के संयोजक रहे थे, ने कहा कि वह जमानत लेकर फिर से अपने आंदोलन को गति देंगे और जरूरत पड़ी तो जल समाधि लेंगे। हार्दिक ने कहा कि राज्य सरकार को किसानों की कोई चिंता नहीं है, इसे केवल उद्योगपतियों की चिंता है। यह अडानी-अंबानी और अन्य उद्योगपतियों तो स्वच्छ पानी उपलब्ध कराती है पर भादर नदी में औद्योगिक कचरे के बहाव से दो तालुका जेतपुर और धोराजी के 400 गांवों में लोगों को हो रही तकलीफ और कैंसर तथा चर्मरोग एवं अन्य रोगों की उसे कोई परवाह नहीं। सरकार हर जन आंदोलन को पुलिस के बल पर दबाने का प्रयास कर रही है।

इस कार्यक्रम को कांग्रेस के विधायक ललित कगथरा, परसोत्तम साबरिया, ब्रजेश मेरजा, चिराग कालरिया, प्रवीण मुछडिया, वल्लभ धारविया, जे वी काकडिया, हर्षद रिबड़िया, भीखाभाई जोशी और बाबूभाई वाजा ने भी समर्थन दिया था।

बाद में मंत्री और जेतपुर के भाजपा विधायक जयेश रादडिया ने कहा कि इस मामले का राजनीतिकरण नहीं किया जाना चाहिए। सरकार और राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड समय समय पर जांच और जरूरी कदम उठाती रही है। स्थानीय भाजपा नेता धनसुख भंडेरी ने कहा कि कांग्रेस के नेता केवल मीडिया का ध्यान खींचने के लिए ऐसे नाटक कर रहे हैं। कांग्रेस के ये नेता पार्टी की झूठ बोलो और जोर से बोलो की नीति का पालन कर रहे हैं। इनकी समस्या के निराकरण में कोई रूचि नहीं।

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष आई के जाडेजा ने कहा कि राज्य सरकार की एक समिति इस मामले की जांच कर रही है। कांग्रेस के शासनकाल में ही इनमें से अधिकतर उद्योग लगे हैं पर पार्टी के नेता आगामी लोकसभा चुनाव के मद्देनजर जानबूझ कर कुछ मुद्दे पैदा करना चाहते हैं।


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