मणिपुर विवि के वीसी से 5 करोड़ रुपये फिरौती की मांग : मुख्यमंत्री

मणिपुर विवि के वीसी से 5 करोड़ रुपये फिरौती की मांग : मुख्यमंत्री


इंफाल। मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने कहा है कि मणिपुर विश्वविद्यालय के कुलपति आदि प्रसाद पांडे पर विभिन्न प्रकार से दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है। उनसे 5 करोड़ रुपये फिरौती की मांग एक प्रतिबंधित भूमिगत उग्रवादी संगठन द्वारा की गई है। मुख्यमंत्री द्वारा मीडिया में दिए गए इस बयान को लेकर शनिवार को मणिपुर विश्वविद्यालय छात्र संघ (मूसू) तथा मणिपुर कॉलेज टीचर्स एसोसिएशन (मूटा) के आंदोलनरत कर्मचारियों एवं छात्रों के बीच सनसनी फैल गई है।
उल्लेखनीय है कि ये दोनों ही संगठन बीते 5 दिनों से मणिपुर विश्वविद्यालय के कुलपति आदि प्रसाद पांडे को हटाने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। बीते 5 दिनों से शिक्षक मूटू के सदस्यों द्वारा अनशन किया जा रहा है। मणिपुर छात्र संघ द्वारा बीते 12 जुलाई से मणिपुर विश्वविद्यालय के अधीनस्थ वाले सभी महाविद्यालयों को बंद करा दिया गया है। आंदोलनरत शिक्षकों के प्रवक्ता देवेंद्र निंगथोजम ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह उपकुलपति के प्रवक्ता की तरह बात कर रहे हैं, जो बेहद ही शर्मनाक है।
उन्होंने कहा कि जब तक मणिपुर विश्वविद्यालय के कुलपति को सरकार हटाती नहीं है तब तक वे अनशन पर बैठे रहेंगे। उन्होंने कहा कि यह मणिपुर के लोगों की अस्मिता का सवाल बन गया है। कुलपति पांडे मनमाने तरीके से विश्वविद्यालय को चलाना चाहते हैं।
मुख्यमंत्री के 5 करोड़ रुपये की फिरौती संबंधी बयान को बेहद ही शर्मनाक बताते हुए शिक्षक संघ के प्रवक्ता ने कहा कि मुख्यमंत्री एन वीरेंद्र सिंह ने मणिपुर विश्वविद्यालय के शिक्षकों और छात्रों को आतंकवादी करार दिया है। उन्होंने कहा कि राज्य की पूरी जनता उनके साथ है। वे चाहते हैं कि मणिपुर विश्वविद्यालय के संचालन में हो रही अनियमितता की जांच एक अवकाशप्राप्त न्यायाधीश से करवाया जाए, ताकि पांडे द्वारा की जा रही मनमानियों का खुलासा हो सके।
उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार ने इस पूरे मामले की जांच के लिए एक वरिष्ठ पदाधिकारी के नेतृत्व में जांच कमेटी गठित कर दी है। बावजूद आंदोलनरत शिक्षक एवं छात्र आंदोलन वापस लेने का नाम नहीं ले रहे हैं।
इस आंदोलन की वजह से बीते 5 दिनों से पूरे मणिपुर का जनजीवन ठप पड़ गया है। बंद के दौरान जगह-जगह उग्रवादी गतिविधियां भी हो रही हैं। उल्लेखनीय है कि मणिपुर के पांच नगा छात्र संगठन अनिश्चितकाल के लिए मणिपुर बंद का आह्वान किए हुए हैं| इसके तहत राज्य के दो प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्गों को बार-बार अवरुद्ध कर दिया जाता है। इससे गाड़ियों की आवाजाही रूक जाती है। मणिपुर में सामानों का पहुंचना भी मुश्किल हो रहा है। और तो और, मोरे-इंफाल राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 102 के बंद किए जाने की वजह से अंतरराष्ट्रीय व्यापार भी प्रभावित हो रहा है।

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