पुलिस पर हमलाकर पेशी पर आए कैदी को छुडा ले गए बदमाश

पुलिस पर हमलाकर पेशी पर आए कैदी को छुडा ले गए बदमाश

ग्वालियर। मध्यप्रदेश के ग्वालियर जिले में भोपाल के पुलिसकर्मियों की आंखों पर मिर्ची झोंककर एक पुलिसकर्मी का अपहरण कर अपने एक साथी को छुड़ाकर भागे बदमाशों का वारदात के करीब 14 घंटे बाद भी कोई पता नहीं चल सका है। पुलिस ने बदमाशों की तलाश के लिए नाकाबंदी कर दी है। पुलिस अधीक्षक नवनीत भसीन ने आज बताया कि हमलावरों और फरार कैदी की तलाश में न सिर्फ जिले में नाकाबंदी कर दी है, बल्कि आसपास के पांच जिलों मध्यप्रदेश के भिण्ड, मुरैना, दतिया, राजस्थान के धौलपुर और उत्तरप्रदेश के झांसी के पुलिस अधीक्षकों से बात कर पुलिस टीमें सडकों पर उतार दी हैं। देर रात पुलिस टीम टोल नाके पर लगे सीसीटीवी कैमरे के फुटेज खंगाल रही थी। श्री भसीन ने बताया कि कैदी भीम यादव और उसके भाई का पूरा नेटवर्क भिण्ड और आसपास के क्षेत्र में है, इसलिए आशंका है कि वह भिण्ड जिले में ही गए होंगे। इसलिए भिण्ड-मुरैना के पुलिस अधीक्षकों से बात कर विशेष नाकाबंदी कराई गई है। श्री भसीन ने बताया कि बदमाशों का पता लगाने के लिए महाराजपुरा थाना क्षेत्र के गांवों व जंगल में पुलिस टीम भेजी गईं हैं।

सूत्रों ने बताया कि भोपाल से आए पुलिस आरक्षक विवेक शर्मा, मायाराम, हाकिम खान ने पुलिस को बताया कि वह आरोपी भीम यादव की भिण्ड में पेशी कराने के बाद लेट हो गए थे। ग्वालियर से भोपाल की ट्रेन पकडऩे के लिए सभी ने निजी वाहन में लिफ्ट ली। इस जीप के ड्राइवर ने बायपास पुल के पास अपने वाहन को रोका। सभी नीचे उतरे। तभी एक लक्जरी वाहन से आए 10-12 लोगों ने उन पर हमला कर दिया। इस दौरान उन्हें कुछ भी समझने का मौका नहीं मिला।
हमलावर बदमाश भीम यादव के साथ ही पुलिसकर्मी प्रमोद यादव और दो हथियार भी ले गए। समझा जा रहा है कि पुलिसकर्मियों ने जिस वाहन में लिफ्ट ली, उसका चालक हमलावरों का साथी था। भिण्ड पुलिस अधीक्षक रूडोल्फ अल्वारेस ने बताया कि फरार हुआ बदमाश भिण्ड का रहने वाला है। भागकर वह भिण्ड ही आ सकता है। संभावित जगहों पर उसकी तलाश की जा रही है।
भीम यादव को 3 जून 2015 को हत्या के प्रयास के मामले में तत्कालीन भिण्ड एसपी नवनीत भसीन की अगुवाई में गिरफ्तार किया गया था। लंबे समय जेल में रहने के बाद उसे जमानत मिल गई थी। उस पर भिण्ड जिले के अलग-अलग थानों में हत्या, हत्या के प्रयास, लूट, मारपीट के एक डेढ दर्जन से अधिक मामले दर्ज है। " रॉयल बुलेटिन की नई एप प्ले स्टोर पर आ गयी है।royal bulletin news लिखे और नई app डाउनलोड करें

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