पति को सबक सिखाने की थी निर्वस्त्र करने की झूठी शिकायत

पति को सबक सिखाने की थी निर्वस्त्र करने की झूठी शिकायत

बड़वानी। मध्यप्रदेश के बड़वानी जिले के वरला थाना क्षेत्र के दुगानी निवासी एक आदिवासी महिला द्वारा बहकावे में आकर अपने पति और सरपंच को सबक सिखाने के लिए डायन निरूपित करने और उसे निर्वस्त्र करने की झूठी शिकायत करने का खुलासा हुआ है।

सेंधवा के अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) राकेश व्यास ने बताया कि पांच बच्चों की मां मंगला बाई द्वारा उसके पति रेव सिंह और ग्राम दुगानी के सरपंच के विरुद्ध की गई शिकायत असत्य पाई गई है। उसने पुलिस के समक्ष स्वीकार किया कि पति को सबक सिखाने और शीघ्र कार्रवाई करने के लिए बहकावे में आकर उसने ऐसी शिकायत कर दी थी। श्री व्यास ने बताया कि मंगला बाई ने अपने अधिवक्ता के साथ आकर पुलिस में 11 जुलाई को शिकायत की थी कि उसके पति रेव सिंह और ग्राम सरपंच किरता की प्रताडऩाओं के चलते उसे गत दो वर्षों से अपने माता-पिता के घर ग्राम अजगरिया रहना पड़ रहा है। सरपंच किरता ने उसके पति को कह दिया था कि वह एक डायन है और यदि उसने उसे नहीं छोड़ा तो गांव में विभिन्न किस्म की आपदाएं आ जाएंगी।

उसने यह भी शिकायत की थी कि जब वह अपनी मां के साथ 1 जुलाई को दुगानी में अपने उपचार हेतु आई थी तब उसके पति तथा सरपंच ने अन्य लोगों कालू ङ्क्षसह ,गंदास और रमेश के साथ मिलकर उसके साथ मारपीट की थी और उसकी साड़ी और ब्लाउज उतार कर अर्धनग्न कर दिया था। साथ ही उन्होंने सार्वजनिक रूप से उसे डायन निरूपित कर प्रताड़ति भी किया था। उसकी मां की भी पिटाई की गयी और उन्हें उसी अवस्था मे ग्राम में घूमने के लिये कहा गया। उसने कार्रवाई न होने की दशा में आत्महत्या की चेतावनी भी दी थी।

श्री व्यास ने बताया कि मंगला बाई की गंभीर शिकायत पर जांच कराई गयी। जांच में मंगला बाई ने खुलासा किया कि उसके अभिभाषक ने डायन निरूपित करने और निर्वस्त्र करने की शिकायत करने के लिए कहा था, ताकि त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित हो सके। घटना के दिन उसका पति उससे मिला जरूर था, लेकिन उनके साथ ऐसी कोई घटना नहीं हुई थी।

मंगला बाई के माता-पिता जहांगया और फुलक्या बाई ने बताया कि रेव सिंह उसे अपने साथ नहीं रख रहा था इसलिए सबक सिखाने हेतु झूठी शिकायत कराई गई।

मंगला बाई की बड़ी पुत्री ने पुलिस को बताया कि मंगला बाई एक अन्य व्यक्ति बाला के साथ अक्सर दिखाई पड़ती थी जिसके चलते उसके पिता रेव सिंह नाराज थे, और अक्सर उसे बाला को छोडऩे के लिए कहा करते थे। श्री व्यास ने बताया कि तथा कथित घटना क्षेत्र के कई दुकानदारों और निवासियों से चर्चा करने पर भी उन्होंने ऐसा कुछ घटित होने से इनकार किया। मंगला बाई के पति रेव सिंह ने बताया कि बाला के साथ संबंध होने के चलते वह उसे छोडऩे के लिए कहता था, लेकिन वह नहीं मानती थी। श्री व्यास ने सेंधवा के बार एसोसिएशन को एक पत्र लिखा है जिसमें मंगला के अभिभाषक के पूर्व में भी इसी तरह की शिकायत करने की घटना का उल्लेख करते हुए आगे से ऐसा नहीं करने की ताकीद करने का आग्रह किया गया है। पश्चिमी मध्यप्रदेश के बड़वानी, खरगोन, धार, झाबुआ तथा अलीराजपुर जिलों में आज भी डायन निरूपित कर महिलाओं को प्रताड़ति करने के मामले प्रकाश में आते रहते हैं।

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