Read latest updates about "अजब गज़ब" - Page 3

  • रहस्य रोमांच: कब, कहां नहीं हैं जासूस

    भारत में इन दिनों सर्वत्र चर्चा में हैं जासूस। वैसे जासूसों की दुनियां रोमांचक होती है और सावधानी के पश्चात भी पकड़े जाने पर जान जाने का खतरा भी रहता है। ये जासूस भांति-भांति की भूमिका निभाते हैं। जासूस निजी और शासकीय भी होते हैं पर सभी को मिली जिम्मेदारी के अनुसार भूमिका निभाते अपनी जासूसी पहचान...

  • सपनों का रहस्यमय संसार

    स्वप्न क्या है, इस बात की पुष्टि के लिए लंबे समय से इस पर विचार होता आया है, फिर भी आज तक इसकी पुष्टि संभव नहीं हो पाई है कि स्वप्न नींद में भटकना है या फिर लोकान्तर यात्रा। पर मेरी समझ से जो घटनाएं दुनियां में असंभव, रास्ते की बाधक, और पहुंच से बहुत दूर हों, वही स्वप्न हैं। चूंकि...

  • रहस्य रोमांच: ये विचित्र जीव जंतु

    भारतीय चिंतकों के मतानुसार इस मृत्युलोक(धरती) में 84 लाख किस्म के प्राणी हैं और हर प्राणी की अपनी शक्ल-सूरत और विशेषताएं हैं। आधुनिक वैज्ञानिकों के अनुसार प्राणियों की यह संख्या और ज्यादा हो सकती है। आइए कुछ विचित्र जीवों के बारे में हम आपको जानकारी दिलाते हैं। - प.कोलंबिया में...

  • अमेरिकी इतिहास में सबसे बुजुर्ग अपराधी को दी गयी सजा-ए-मौत

    वाशिंगटन । अमेरिका के अलाबामा प्रांत में सबसे बुजुर्ग अपराधी को सजा-ए-मौत दी गयी। वर्ष 1989 में सिलसिलेवार बम धमाकों के आरोपी 83 वर्षीय वाल्टर मूडी को सजा-ए-मौत दी गयी। जेल अधिकारियों के अनुसार वाल्टर मूडी को अलाबामा प्रांत के अटमोर में विलियम सी होलमैन फेसिलिटी में इंजेक्शन के जरिए मौत की सजा दी...

  • रहस्य रोमांचः जाको राखे साईयां, मार सके न कोय

    जिस प्रकार अविज्ञात कारणों से कभी-कभी मनुष्य पर अप्रत्याशित विपत्तियां टूट पड़ती हैं और कोई प्रत्यक्ष कारण न होने पर भी दुर्घटना स्तर का संकट सहना पड़ता है, उसी प्रकार कभी-कभी विपत्तियों से बचाने वाली ऐसी अदृश्य सहायताएं भी अनायास ही मिलती देखी गई हैं जिसकी कभी न कोई आशा थी, न संभावना। ...

  • अलवर की यह अनोखी ट्रेन, जिसमें पढ़ते हैं बच्चे..

    जयपुर। आपने आज तक कई बड़े-बड़े स्कूल देखें होंगे। ऊंची-ऊंची इमारतों में हजारों छात्राओं को पढ़ते देखा होगा। लेकिन क्या आपने कभी भारतीय रेल के जैसा किसी स्कूल की इमारत देखी है। इन दिनों राजस्‍थान के अलवर में एक सरकारी स्‍कूल लोगों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। इस स्‍कूल को ट्रेन के रंग में रंग...

  • रहस्य रोमांच: आखिर रहस्य क्या था-रामा बाबा की मृत्यु के बाद पलकें झपकने का

    जीवन के चक्कर, कब आपको किस से मिला दें, शायद उस परमेश्वर को ही पता होता है। तलाश में हैं आप संत की, मिल जाते हैं दुष्ट। जाते हैं जंगली हाथी की तलाश में, मिल जाते हैं जंगल में साधनारत संत। मेरा तो अनुभव यह होता जा रहा है कि संत दर्शन/देवदर्शन/तीर्थ दर्शन-बिना उस प्रभु की कृपा के संभव...

  • जब सिपाही की पत्नी ने 20 को मारा तो भागे दुश्मन

    धरोहर : चित्रकारी के साथ-साथ बहादुरी के लिए भी प्रसिद्ध है चित्रदुर्गा किलाचित्रदुर्गा (बेंगलुरू)। चित्रदुर्गा किला वैसे तो अपनी चित्रकारी के लिए प्रसिद्ध है, लेकिन यहां एक सुरक्षाकर्मी की पत्नी द्वारा दुश्मनों के 20 सिपाहियों को बेंत से मारने और उसके कारण किले पर आक्रमण करने से पहले ही सिपाहियों...

  • रहस्य रोमांच: हर देश में हैं अंधविश्वास

    रश्मि को अपनी मां को देखने जाना था। सारी तैयारियां करने के बाद वह जैसे ही घर से बाहर आयी, बिल्ली रास्ता काट गयी। बस यात्रा स्थगित कर दी। अगरे दिन पता चला कि मां रश्मि को याद करते-करते रात चल बसी। रवि को नौकरी का इंटरव्यू देने जाना था। घर से चला ही था कि मां को छींक आ गयी। वह बोली, कुछ...

  • रहस्य रोमांच: वह दिमाग से दृश्य कैद करता था कैमरे में

    मानव देह विलक्षणताओं का सागर है। बहुतों के कारनामे आश्चर्य में डाल देते हैं। एक अमेरिकी प्राणी मानसिक स्तर पर बड़ा विलक्षण था। पेशे से ड्राइवर थियोडोर सीरिओस सोचे गये दृश्य की तस्वीर कैमरे में कैद कर लेता था। आज कंप्यूटर की मदद से शायद ऐसा हो भी जाए परंतु आज से 40-50 साल पहले ऐसा सोचा भी नहीं जा...

  • ऐसा मंदिर जहां नौ साल की बच्ची ने त्यागे थे प्राण

    -मां कालका देवी मंदिर में पुजारी की भक्ति देख कलकत्ता की बच्ची ने त्यागे थे प्राण-सैकड़ों साल पुराने मां कालका देवी के मंदिर में दर्शन को कई प्रांतों से आते है भक्तहमीरपुर। उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले में मां कालका देवी मंदिर, सैकड़ों साल पुराने अतीत को संजोये है। इस मंदिर में सवा मन से लेकर दो...

  • 32 वर्ष बाद घर लौटी मां

    बैरकपुर (उत्तर 24 परगना)। 32 वर्ष से गायब एक महिला अचानक घर लौट आई। महिला का नाम नीभारानी दास उर्फ रासमनी दास है। पेशे से रंग मिस्त्री स्वपन दास ने मां को आखरी बार अपने संबंधी के यहां वर्ष 1986 में देखा था। इसके बाद 32 वर्ष बीत गए, लेकिन मां का कुछ पता नहीं चला। दो वर्ष पहले बेटी की शादी तय होने के...

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