रहस्य रोमांच: कुछ प्रतियोगिताएं ऐसी भी

रहस्य रोमांच: कुछ प्रतियोगिताएं ऐसी भी

आज का युग प्रतियोगिता का युग है। जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में प्रतियोगिता ही प्रतियोगिता दिखलायी पड़ती हैं परन्तु हम आपको कुछ ऐसी अनोखी प्रतियोगिताओं के विषय में बतायेंगे जिनके विषय में आपने अभी तक कल्पना तक न की होगी।
स्वीडन में 'पत्थर फेंक प्रतियोगिता' का आयोजन प्रतिवर्ष सितंबर माह में किया जाता है। इस प्रतियोगिता में प्रयोग किये जाने वाले पत्थर कोई साधारण पत्थर नहीं होते बल्कि 435 किलोग्राम भार के भारी भरकम पत्थर होते हैं। इसमें विजयी प्रतियोगी को नकद राशि के साथ ही उस लड़की से शादी भी करायी जाती है जिसे वह चाहता है।

अमेरिका में वर्ष के मध्य में 'आमलेट प्रतियोगिता' का आयोजन होता है। इस प्रतियोगिता में इस बात की प्रतिस्पर्धाएं होती हैं कि कौन-सी टीम कितना बड़ा आमलेट बना सकती है। इस प्रतियोगिता का यह नियम है कि आमलेट बीच में टूटना नहीं चाहिए। इस प्रतियोगिता में विशेष प्रकार के तवों का प्रयोग होता है। टीम में 20 से लेकर 25 प्रतियोगी होते हैं। इन बड़े-बड़े आमलेटों को पलटने के लिए बड़े-बड़े कलछुल विशेष आर्डर देकर बनवाये जाते हैं। इस प्रतियोगिता में जो टीम जीत जाती है, उसे विशेष इनाम दिया जाता है। टीम में भाग लेने वाले सभी प्रतियोगियों को 'मोवेलिक रेस्तरा' द्वारा सालभर के लिए नि:शुल्क पास भी दिया जाता है। विजयी प्रतियोगी उस रेस्तरा की सुविधाओं को साल भर तक नि:शुल्क प्राप्त करते हैं।
कनाडा में प्रतिवर्ष अधिक से अधिक चिल्लाने की प्रतियोगिता आयोजित की जाती है। इस प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए प्रतियोगी विश्व के कोने-कोने से जाते हैं। इसमें स्त्री एवं पुरूष दोनों ही प्रतिभागी होते हैं। जो सबसे अधिक ऊंचे स्वर में अधिक देर तक चिल्लाता है, उसे दो लाख डालर का पुरस्कार मिलता है। इस प्रतियोगिता में सबसे अधिक चिल्लाने का श्रेय फीवे नामक युवक को मिला है जो 1939 से 1963 तक लगातार जीतता रहा है।
ब्रिटेन के मेनचेस्टर में प्रतिवर्ष मेंढककी तरह उछलकर सौ मीटर की दूरी तय करने की प्रतियोगिता होती है। इसमें विजेता को 450 डालर का पुरस्कार दिया जाता है। इस प्रतियोगिता में न सिर्फ युवक-युवतियां ही भाग लेती हैं बल्कि बड़े-बूढ़े भी उत्साह के साथ हिस्सा लेने दूर-दूर से आते हैं।
नीदरलैन्ड में प्रतिवर्ष नहर में कूदने की अद्भुत एवं साहसिक प्रतियोगिता का आयोजन किया जाता है। इस प्रतियोगिता में प्रतियोगी को 500 फुट की ऊंचाई से कूदकर तीन किलोमीटर की लम्बाई में नदी को तैरकर पार करना होता है। डेविड नाम के युवक का नाम इस प्रतियोगिता में विश्व रिकार्ड में अंकित है।
अमेरिका में कागज के हवाई जहाज को उड़ाने की एक अद्भुत प्रतियोगिता होती है। इसमें भाग लेने वालों की उम्र 10 वर्ष तक की होती है। इस हवाई जहाज को एक विशेष स्थान पर खड़े होकर उड़ाना पड़ता है। सामने एक कार खड़ी होती है। जिस प्रतियोगी का जहाज उस कार पर जाकर गिर जाता है अर्थात् जिसका जहाज कार के छत पर जाकर रूक जाता है, उसे वह कार पुरस्कार में मिल जाती है।
1997में अमेरिका स्थित ओरेगन स्टेट विश्वविद्यालय में झूठ बोलने और गप्प हांकने की प्रतियोगिता का मनोरंजक कार्यक्र म सम्पन्न हुआ था। इसमें मुम्बई (भारत) के प्रफुल्ल मिश्र ने 'महानतम गप्पी' का खिताब जीता था। इस प्रतियोगिता में एक साथ दो-दो खिताब जीतकर 'मिश्र' ने विश्व में भारत का मस्तक ऊंचा किया था।
स्पेन के बनयोल शहर में प्रतिवर्ष 'लाटमैटिना' प्रतियोगिता का आयोजन किया जाता है। इस दौरान लोग एक-दूसरे पर लाल-लाल टमाटर फेंकते हैं। महिलाएं, बच्चे, बूढ़े सभी इस प्रतियोगिता में बिना किसी संकोच के एक-दूसरे पर टमाटर बरसाते हैं। पूरा शहर टमाटरों से लाल हो जाता है। स्पेन में ही 'खर्राटा प्रतियोगिता' का भी आयोजन होता है। इस प्रतियोगिता में सारे खर्राटेबाज प्रतियोगियों को खुले आकाश के नीचे सोना पड़ता है। इस प्रतियोगिता में यह देखा जाता है कि कौन व्यक्ति लेटते ही निद्रा देवी के आगोश में समा गया और कौन पूरे निर्धारित समय तक सोया रहा तथा इस दौरान किसने सबसे ज्यादा जोरदार खर्राटे भरे। प्रतिवर्ष यहां कुम्भकर्णो का संगम होता है और हर बार का पिछला रिकार्ड टूटता है।
फ्रांस की राजधानी पेरिस में प्रत्येक वर्ष मई में एक ऐसी प्रतियोगिता का आयोजन किया जाता है जिसमें भाग लेने के लिए शरीर का भार कम से कम 90 किलोग्राम का होना आवश्यक है। भिन्न-भिन्न दूरी की इस दौड़ प्रतियोगिता के लिए अलग-अलग पुरस्कार की राशि निश्चित होती है।
अमेरिका में रोदन प्रतियोगिता का आयोजन होता है। इसमें सबसे अधिक आंसू बहाने वाले प्रतियोगी को एक लाख का नगद पुरस्कार तथा एक चित्ताकर्षक ट्राफी देकर पुरस्कृत किया जाता है। इटली के सोगरवा नगर में 1973 में 'नाक का राजाÓ नामक प्रतियोगिता का आयोजन किया गया था। इस प्रतियोगिता में 'एल्विनी' को नाक का राजा घोषित किया गया था। इस प्रतियोगी की नाक ढाई इंच लम्बी और लगभग दो इंच मोटी थी।
- आनन्द कुमार अनन्त

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