रहस्य रोमांच: विवाह की अजीबो गरीब परम्पराएं

रहस्य रोमांच: विवाह की अजीबो गरीब परम्पराएं

दुनियां भर में शादी विवाह के कई रीति रिवाज एवं परम्पराएं प्रचलित हैं जो समाज का अभिन्न अंग मानी जाती हैं। ये परम्पराएं प्राचीन काल से ही चली आ रही हैं। जीवन में विवाह का बड़ा महत्त्व है और यह दो दिलों का पवित्र गठबंधन है। ऐसे में आइए एक नजर डालते हैं दुनियां के कोने-कोने में निभाई जाने वाली अलग-अलग रस्मों और उनसे जुड़ी अजीबो गरीब परम्पराओं पर।

जापान:- जापानी रीति-रिवाजों के अनुसार वर-वधू को विवाह के अवसर पर जापानी शराब के सात घूंट गले से नीचे उतारने होते हैं। इसके अलावा शादी की रस्मों के दौरान वधू को तीन-चार बार अपने वस्त्र बदलने पड़ते हैं।

मध्य अफ्रीका:- मध्य अफ्रीका के कुछ भागों में ऐसी मान्यता है कि उन्नत वक्षों वाली लड़की बांझ होती है। ऐसे में किसी लड़की के लिए शादी के लिए सबसे पहले और आवश्यक अर्हता होती है ढीले ढाले और आकर्षणहीन वक्ष।

पोलीनेशिया:- पोलीनेशिया में अगर किसी लड़की से दो लड़के शादी करने के इच्छुक रहते हैं तो वहां इसका हल बहुत आसानी से निकाला जाता है। दोनों लड़के, लड़की की एक बांह पकड़ कर उसे अपनी ओर खींचते हैं और जो लड़की को खींचने में कामयाब रहता है, लड़की उसकी हो जाती है।

कोरिया:- कोरिया में विवाहोत्सव के दौरान लोग वधू पर चावल एवं गेहूं के दाने फेंकते हैं जो अन्य कुंवारी लड़कियां बीन लेती हैं ताकि उनका भी विवाह शीघ्र सम्पन्न हो सके।

चीन:- चीन में एक जाति विशेष में विवाह के मौके पर धातु के एक पात्र में शहद और दूसरे पात्र में थोड़ी शराब भरकर दोनों पात्रों को आपस में लाल रंग के एक रिबन में बांध दिया जाता है। लाल रंग प्यार का प्रतीक माना जाता है। इसके पश्चात् वर और वधू दोनों पात्रों से थोड़ी शहद और शराब पीकर एक-दूसरे के प्रति प्यार और लगाव का इजहार करते हैं।

चीन के एक प्रांत में विवाह के पूर्व लड़का-लड़की को नहीं देख सकता। वह लड़की को तभी देख सकता है जब उसके घर पर शादी की रस्में चल रही हों। इसी बीच लड़की को एक पालकी में बैठा कर लाया जाता है। अगर उसे लड़की पसंद आती है तो पालकी का दरवाजा खुला रहने दिया जाता है और अगर लड़के को लड़की पसंद नहीं आती तो वह पालकी का दरवाजा बंद कर देता है। चल रही शादी की रस्में तुरंत बंद कर दी जाती हैं।

चीन के कुछ हिस्सों में विवाह के समय बाराती तरह-तरह के जानवरों एवं भूत-प्रेतों के मुखौटे लगाकर नाचते गाते चलते हैं मानों देवाधिदेव महादेव की बारात निकल रही हो। सुहागरात के दिन बुरी प्रेतात्माओं को धोखा देने के लिए पत्थर पर आंख, नाक, कान, पैर बनाकर उसे पलंग के पास ढककर रख दिया जाता है ताकि प्रेतात्माएं भ्रमित होकर उसी पर हमला करें।

तिब्बत:- तिब्बत में भूतों के विवाह की भी प्रथा प्रचलित है। यदि कोई कुंवारी लड़की मर जाती है तो उसका विवाह ऐसे लड़के से कर दिया जाता है जो मर गया हो। यह इसलिए किया जाता है ताकि मरने के बाद लड़की अविवाहित न रहे।

मैक्सिको:- मैक्सिको के कुछ भागों में शादी के लिए लड़की के चयन का बेहद अजीबो गरीब चलन है। वहां जब लड़का शादी का इच्छुक होता है तो किसी मंदिर में जाकर पुजारी को अपनी इच्छा से अवगत कराता है। पुजारी उस लड़के के बाल काट लेता है जो इस बात का परिचायक होता है कि वह शादी के लिए तैयार है। इसके बाद लड़का मंदिर के बाहर निकलता है और जो भी पहली कुंवारी लड़की उसके सामने पड़ती है, उससे शादी कर लेता है।

बेल्जियम:- बेल्जियम में विवाह के समय दुल्हन अपने साथ एक रूमाल लेकर अपने पति के घर जाती है। इस रूमाल में उसका और उसके पति का नाम धागों से कढ़ा रहता है। इसे फ्रेम करके घर में टांग दिया जाता है जब तक उस घर में किसी अन्य लड़की का विवाह नहीं हो जाता।

दूसरी लड़की की शादी पर वह इस रूमाल में अपना नाम काढ़कर अपने साथ पति के घर ले जाती है। प्राचीन काल में रोम एवं यूनान में विवाहोत्सव के दौरान दुल्हन पर गेहूं के दाने फेंके जाते थे। यह इसलिए किया जाता था कि अनाज फेंकते से वर-वधू का जीवन समृद्ध और खुशहाल बना रहे। दक्षिणी अमेरिका की प्राचीन जनजातियों में ऐसा माना जाता था कि साथ में बैठकर चावल खाने से दुल्हा-दुल्हन का प्रेम बना रहेगा और सम्पन्नता बनी रहेगी।

जावा एवं इण्डोनेशिया:- जावा एवं इण्डोनेशिया में शादी के पश्चात् नवविवाहित दंपति अपने प्यार को चिरस्थायी बनाने के लिए एक पौधा उगाते हैं और शपथ लेते हैं कि इस पौधे की तरह वे भी आजीवन अपने प्यार को बढ़ाते रहेंगे और आपस में कभी अलग नहीं होंगे।

असम:- असम की खासी जनजाति में लड़कियां अपने पसंदीदा लड़के का पीछा करती हैं और लड़का उनसे बचता फिरता है। ऐसे में एक दिन लड़का गायब हो जाता है और लड़की की जिम्मेदारी होती है कि वह न सिर्फ लड़के को ढूंढ़ कर लाए बल्कि उससे विवाह कर अपने घर ले जाए।

इस रस्म के बाद ही लड़के के परिवार वाले परम्परा के तहत रोना पीटना शुरू कर लड़के की शांति के प्रति अपना दु:ख प्रकट करते हैं।

- संजय कुमार 'सुमन'

Share it
Top