रंग बिरंगे फल और सब्जियां भगाती हैं बीमारियां

रंग बिरंगे फल और सब्जियां भगाती हैं बीमारियां


नयी दिल्ली । खाने की प्लेट में विभिन्न रंगों की फल और सब्जियां न केवल खाने की प्लेट को आकर्षक बनाती हैं बल्कि इनसे शरीर को ऐसे पोषक तत्व मिलते हैं जो कैंसर , हृदय रोग के साथ साथ बुढापा रोकने में मददगार मिलती है।
फल और सब्जियां अपने रंगों के कारण आकर्षण का केंद्र होने के साथ उनमें कई तरह की खूबियां होती है जो मनुस्य को स्वस्थ रखने में मददगार होती हैं। पादप लवक के कारण फल और सब्जी रंगीन होते हैं जो शरीर में एंटीआक्सीडेंट के रुप में काम करते हैं। एंटीआक्सीडेंट शरीर से विषैले पदार्थों को निकालता है जिससे अधिक संख्या में शरीर में कोशिकाओं का निर्माण होता है । इसके कारण चिकित्सक लोगों को रंगीन फल और सब्जी खाने की सलाह देते हैं ।
कैंसर के मरीजों को चिकित्सक लाल रंग के फल और सब्जियों को खाने की सलाह देते हैं । गहरे लाल या गुलाबी रंग के फलों एवं सब्जियों में लाइकोपीन , एलीगिक अम्ल और हैस्परीडीन नामक तत्व पाया जाता है जो विभिन्न प्रकार के कैंसर के खतरों को कम करने में मदद करता है तथा कोशिकाओं को नष्ट होने से बचाता है। तरबूज , गुलाबी अंगूर , गाजर , टमाटर और इससे बनने वाले उत्पाद लाइकोपीन के मुख्य स्त्रोत हैं । स्ट्राबेरी, चुकंदर और रसभरी में एंथोसाइनिन पाया जाता है जो उच्च रक्तचाप और मधुमेह के लिए लाभदायक हैं ।
सफेद फल और सब्जियों में बीटा ग्लूकान , एसडीजी तथा कुछ अन्य तत्व पाये जाते हैं जो शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के साथ ही कैंसर के खतरे को भी कम करते हैं । सफेद फल और सब्जियों में पोटैशियम भी पाया जाता है जो रक्तचाप को कम करने में मदद करता है । लहसुन और प्याज कोलेस्ट्रोल को कम करता है । प्याज समूह की सब्जियों के सेवन से दिल के दौरे का जोखिम कम होता है ।
हरे रंग के फलों और सब्जियों में हरित लवक , ल्यूटिन , बीटा कैरोटिन ,कैल्शियम फोलेट तथा फाइवर पाये जातें हैं । ये तत्व कैंसर के जोखिम को कम करने, रक्तचाप को नियंत्रित करने और बुरे कालेस्ट्रोल को कम करने में मदद करते हैं । इनसे शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ता है ।
नारंगी और पीले रंग के फलों और सब्जियों में एंटीआक्सीडेंट अच्छी मात्रा में पाये जाते हैं। इसके साथ ही विटामिन सी , कैरोटिनायड आदि भी पाये जाते हैं। पीला सेब , पीला टमाटर , नाशपाती ,आम संतरा नीबू आदि इसके अच्छे स्त्रोत हैं । रंगीन फलों एवं सब्जियों का असर स्मरण शक्ति पर भी होता है। फ्लेविनाइड्स तथा एंथोसाइनिन से ही फल एवं सब्जियों का रंग नीला और बैगनी होता है । ये एंटीआक्सीडेंट होते हैं जो कोशिकाओं को कैंसर के खतरे से बचाते हैं ।
विश्व स्वास्थ्य संगठन के एक अध्ययन के अनुसार प्रतिदिन 400 ग्राम फलों एवं सब्जियों के खाने से कैंसर , मधुमेह और मोटापा की समस्या निपटने में मदद मिलती है । स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि 65 वर्ष की उम्र के बाद लोगों को इन्द्रघनुष के रंग वाले फल एवं सब्जियों को नियमित रुप से सेवन करना चाहिए ।

Share it
Share it
Share it
Top