केजीएमयू के ट्रामा सेंटर में आग लगने की अफरातफरी से 6 लोगों की मौत, सीएम योगी ने दिए जांच के आदेश

केजीएमयू के ट्रामा सेंटर में आग लगने की अफरातफरी से 6 लोगों की मौत, सीएम योगी ने दिए जांच के आदेश

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ स्थित किंग जार्ज मैडिकल विश्वविद्यालय (केजीएमयू) के ट्रामा सेन्टर का दौरा कर मरीजों का हालचाल लिया, जहां कल रात आग लगने से भगदड मच गयी थी। इस हादसे में भगदड के दौरान छह मरीजों की शिफ्ट करते समय लाईफ सपोर्ट सिस्टम हट जाने से मृत्यु हो गई थी, जिसमें दो बच्चे शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपए की आर्थिक सहायता दिये जाने की घोषणा की है। श्री योगी ने ट्रॉमा सेण्टर में कल की आग से प्रभावित तलों का निरीक्षण करने के साथ-साथ अन्य तलों पर भर्ती मरीजों से मुलाकात कर उनका हालचाल भी पूछा। उन्होंने आग के कारण ट्रॉमा सेण्टर से शिफ्ट किए गए सभी मरीजों की सारी आवश्यक जांच तथा इलाज नि:शुल्क कराए जाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से इस घटना के दौरान शिफ्ंिटग अथवा उसके बाद सदमे से जान गंवाने वाले मरीजों के सम्बन्ध में आख्या मांगने के साथ-साथ मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपए की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की घोषणा की है। इस घटना में आग से जल कर किसी की भी मृत्यु नहीं हुई है। ट्रॉमा सेण्टर का निरीक्षण करने के बाद श्री योगी ने शताब्दी चिकित्सालय फेज-2 में शिफ्ट किए गये मरीजों से मिलकर उनका भी हालचाल लिया। उन्होंने केजीएमयू के कुलपति डा. एम.एल.बी. भट्ट तथा अन्य पदाधिकारियों को व्यवस्था बहाल करने के साथ-साथ भविष्य में ऐसी घटना की रोकथाम के सम्बन्ध में आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। उन्होंने आग लगने के सम्भावित कारणों की भी जानकारी ली। साथ ही, मरीजों को उचित इलाज तथा अन्य सुविधाएं नि:शुल्क उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिये। श्री योगी ने डी.जी. फायर सेफ्टी को सभी महत्वपूर्ण अस्पतालों, कार्यालयों, अन्य सरकारी भवनों तथा मल्टी स्टोरी भवनों की फायर सेफ्टी की स्थिति की समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने पुलिस, प्रशासन, फायर सर्विसे•ा के अधिकारियों एवं कर्मचारियों, वरिष्ठ चिकित्सकों, रेजीडेण्ट चिकित्सकों एवं अन्य स्टाफ द्वारा मरीजों की सहायता के लिए दिखायी गयी तत्परता के लिए उनकी प्रशंसा की और उन्हें सम्मानित करने की भी घोषणा की। श्री योगी ने लखनऊ के मण्डलायुक्त को इस घटना की जांच कर तीन दिन में प्रस्तुत करने के निर्देश दिये हैं। इस घटना के लिए दोषी व्यक्तियों का उत्तरदायित्व निर्धारित करने तथा उनके विरुद्ध कार्रवाई करने के भी निर्देश दिये गये है। विश्वविद्यालय के प्रवक्ता डा. वेद गुप्ता के अनुसार ट्रामा सेन्टर में प्रतिदिन मरने वाले मरीजों की संख्या दस से 15 तक रहती है, क्योंकि सेन्टर में दुर्घटनाओं में गंभीर रूप से घायल मरीजों में कई नाजुक हालत में लाये जाते हैं। ट्रामा सेन्टर में जो भी मृत्यु हुई वे अन्य कारणों से हुई है। डा. गुप्ता ने बताया कि आग लगने की घटना के बाद प्रशिक्षण पा रहे जूनियर डाक्टरों से हास्टल खाली कराने के आदेश दिये गये थे, ताकि उनमें मरीजों को शिफ्ट किया जा सके। आधिकारिक सूत्रों ने दावा किया कि 24 घंटे के भीतर जले हुए स्थानों का मरम्मत कार्य पूरा कर लिया जायेगा और ट्रामा सेन्टर मरीजों के लिये फिर पूरी तरह से खोल दिया जायेगा। मुख्यमंत्री के ट्रामा सेन्टर के दौरे पर साथ रहे स्वास्थ्य राज्यमंत्री आशुतोष टंडन ने बताया कि ट्रामा सेन्टर में 24 घंटे के भीतर दोबारा मरीजों को शिफ्ट कर दिया जायेगा। किसी मरीज को किसी प्रकार की कोई परेशानी नही होने दी जायेगी। स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख सचिव सुश्री अनिता भटनागर ने बताया कि मरीजों को लोहिया, सिविल, बलरामपुर समेत आठ अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। श्री योगी ने लखनऊ के मंडलायुक्त को इस अग्निकांड की जांच करने के आदेश दिये हैं। इस मामले में केन्द्रीय गृह मंत्री और लखनऊ के सांसद राजनाथ सिंह ने कुलपति से जानकारी हासिल कर आग लगने की जांच कराने के लिये कहा है। गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के किंग जार्ज मेडिकल विश्वविद्यालय (केजीएमयू) के ट्रामा सेन्टर में कल शाम आग लगने से अफरा-तफरी मच गयी थी। ट्रामा सेन्टर के पहली और दूसरी मंजिल पर लगी आग ने देखते देखते ट्रामा सेन्टर के कई हिस्सों को अपनी जद में ले लिया। ट्रामा सेन्टर धुएं से भर गया। तीमारदार अपने मरीजों को स्ट्रेचर पर लेकर बाहर भागते हुए नजर आये। ट्रामा सेन्टर के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक एस एन शंखवार ने बताया कि सभी मरीजों को सुरक्षित निकाल लिया गया था। श्री शंखवार के अनुसार दोनो तलों पर करीब डेढ़ सौ मरीज थे। मरीजों को विश्वविद्यालय के अन्य वार्डों या दूसरे चिकित्सालयों में भर्ती करा दिया गया था। आग पर काबू पाने के लिए दमकल की 18 गाडिय़ों ने कड़ी मशक्कत की। आग लगने के कारणों की सटीक जानकारी तो नहीं हुई, लेकिन प्रथम दृष्टया इसका कारण बिजली की शार्ट सर्किट बतायी जा रही है।

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