उत्तर प्रदेश के लघु एवं सीमान्त किसानों के फसली ऋण माफ करने के लिये कार्य योजना तैयार

उत्तर प्रदेश के लघु एवं सीमान्त किसानों के फसली ऋण माफ करने के लिये कार्य योजना तैयार

लखनऊ । उत्तर प्रदेश सरकार ने लघु एवं सीमान्त कृषकों के फसली ऋण माफ करने के लिये एक कार्य योजना तैयार की है।फसल ऋण मोचन योजना के क्रियान्वयन के लिए कृषि विभाग को नोडल विभाग नामित किया गया है।
आधिकारिक सूत्रों ने आज यहां बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा लघु एवं सीमान्त कृषकों के फसल ऋण के क्रियान्वयन के लिए एक कार्य योजना बनाई गई है।
इस कार्य योजना के तहत किसानों की पात्रता, क्रियान्वयन की रूपरेखा, संस्थागत वित्त विभाग, राजस्व विभाग, एन0आई0सी0, ऋण प्रदाता संस्थाओं की भूमिका एवं दायित्व तथा शिकायत निवारण प्रणाली के सम्बन्ध में आवश्यक दिशा-निर्देश का समावेश किया गया है।
उन्होने बताया कि फसल ऋण मोचन योजना के क्रियान्वयन के लिये किसानों की जिज्ञासाओं का समाधान के लिए जिलें एवं तहसील स्तर पर नियंत्रण कक्ष की स्थापना की गई है।
इस व्यवस्था से योजना के सम्बन्ध में किसान अपनी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त कर सकेंगे।
कृषि निदेशालय स्तर पर भी किसानों तथा अधिकारियों की जिज्ञासाओं के समाधान के लिए हेल्पलाइन की व्यवस्था कर दी गई है। फसल ऋण मोचन योजना के क्रियान्वयन के लिए कृषि विभाग को नोडल विभाग नामित किया गया है।
गौरतलब है कि प्रदेश सरकार ने राज्य के सभी लघु एवं सीमान्त किसानों द्वारा 31 मार्च, 2016 तक लिए गए फसली ऋणों के सापेक्ष वित्तीय वर्ष 2016-17 में उनके द्वारा किए गये प्रति भुगतान को समायोजित करने के उपरान्त अवशेष ऋण की धनराशि एक लाख रुपए की सीमा तक माफ करने का निर्णय लिया गया है।
कृषि को विकास का आधार बनाए जाने के मद्देनजर लिए गए इस निर्णय से लोक कल्याण संकल्प पत्र में की गई घोषणाओं को पूरा किया जा सकेगा।

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