मुजफ्फरनगर के रिया हत्याकाण्ड में तीन भाईयों को उम्र कैद


मुजफ्फरनगर। उत्तर प्रदेश में मुजफ्फरनगर की एक अदालत ने पांच साल पुराने छात्रा रिया हत्याकांड में तीन सगे भाईयों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई ।साथ ही एक-एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया।

अभियोजन पक्ष के अनुसार भौराकलां क्षेत्र के गांव मुंडभर निवासी सुरेश पाल ने थाने पर मुकदमा दर्ज कराया था कि 10 मार्च 2014 को खेत की नाली के विवाद में कुछ लोगों ने उसपर (सुरेश पाल) पर लाठी-डंडों एवं अन्य हथियारों से हमला कर दिया था। इस दौरान सुरेशपाल को निशाना बनाते हुए तमंचे से फायर किया गया तो गोली उसकी 17 वर्षीय पुत्री रिया को जा लगी। इस घटना में रिया की मां अनिता को भी छर्रे लगे थे। दोनों को गंभीर अवस्था में शामली के अस्पताल ले जाया गया था, जहां चिकित्सकों ने रिया को मृत घोषित कर दिया था।

इस मामले में रिया के पिता सुरेश पाल की तहरीर पर गांव के ही रामस्वरुप के तीन पुत्रों रोहताश, सुनील, ललित के अलावा पूर्व प्रधान के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया गया था। इस मुकदमे की सुनवाई करते हुए अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (प्रथम) वीर नायक सिंह ने दोनों पक्षों की दलील सुनी। सबूत एवं गवाहों के बयान के आधार पर तीनों अभियुक्तों को रोहताश, सुनील और ललित को धारा 302 के तहत उम्रकैद के साथ एक-एक लाख रूपये का जुर्माना लगाया, धारा 307 के तहत सात-सात साल का कठोर कारवास और 25-25 हजार रूपये का जुर्माना, धारा 452 के तहत तीन-तीन साल का कठोर कारावास और 5-5 हजार का जुर्माना लगाया। ललित को आम्र्स एक्ट 25/27 में तीन साल का कठोर कारावास और पांच हजार रूपये का जुर्माना लगाया।

अभियोजन पक्ष की ओर से मुकदमें की पैरवी सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता जितेन्द्र त्यागी एवं आशीष त्यागी ने की। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 2015 में रिया को मरणोपरांत बाल वीरता पुरस्कार से नवाजा था।


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