अगर करते हैं क्रेडिट और डेबिट कार्ड से शॉपिंग तो हो जाएं सावधान !

अगर करते हैं क्रेडिट और डेबिट कार्ड से शॉपिंग तो हो जाएं सावधान !

नई दिल्ली। नोटबंदी के बाद डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा मिला है। लोग ऑनलाइन पेमेंट और कार्ड पेमेंट का इस्तेमाल कर रहे हैं। कैश की किल्लत में कार्ड पेमेंट के जरिए लोग नकदी जुटाने की परेशानी से बच रहे हैं। कार्ड और डिजिटल पेमेंट जहां आपको कैश रखने की झंझटों से बचाता है तो वहीं आपको बड़ी परेशानी में भी डाल सकता है। इस जानकारी की मदद से आप अपने क्रेडिट और डेबिट कार्ड को किसी भी तरह के फ्रॉड से सुरक्षित रख सकते हैं। कार्ड पेमेंट का चलन बढ़ने से ऑनलाइन धोखाधड़ी का खतरा भी बहुत ज्यादा बढ़ गया है। कार्ड इस्तेमाल करने वाले लोगों के साथ अक्सर धोखाधड़ी की घटनाएं हो जाती है। आपको पता भी नहीं चलता और आपके खाते से पैसे निकल जाता है। ऐसे में आपको आज हम जिन बातों को बताने जा रहे हैं अगर उनका ख्याल रखा जाए तो आप इन परेशानियों से बच सकते हैं।
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 -क्रेडिट और डेबिट कार्ड इस्तेमाल करते वक्त रखे इन बातों का ख्याल
-कभी भी अपने कार्ड का CVV नंबर शेयर न करें
-CVV नबंर बेहद खास नबंर होता है, Card Verification Value के बिना आप कोई भी ऑनलाइन पेमेंट नहीं कर पाएंगे।
-ऑनलाइन शॉपिंग के पेमेंट के दौरान आपसे कार्ड की डिटेल सेव करने के बारे में पूछा जाता है, गलती से भी कभी अपने कार्ड की डिटेल सेव न करें।-अगर आप कार्ड की डिटेल सेव करते हैं तो हैकर्स आसानी से इसकी डिटेल हासिल कर लेते है और आप धोखाधड़ी के शिकार हो सकते हैं।
-ऑनलाइन पेमेंट के दौरान हमेशा OTP ऑप्शन का इस्तेमाल करें, ऐसा करना काफी सेफ होता है।
-कभी भी अपने कार्ड की डिटेल किसी के साथ शेयर न करें।
-अगर आप ऑफिस में कार्ड पेमेंट या ऑनलाइन पेमेंट कर रहे हैं तो CVV और पिनकोड का इस्तेमाल किसी के सामने न करें।
-ऑनलाइन पेमेंट का इस्तेमाल करते हैं तो हमेशा अपने अकाउंट को पासवर्ट से प्रोटेक्ट रखें।
-पासवर्ड हमेशा थोड़ा हट कर रखे। पासवर्ट में स्पेशल केरेक्टर रखना सेफ माना जाता है।जो प्रीपेड वॉलेट होते हैं उनमें अपने बैंक से पहले पैसे ट्रांसफर करने पड़ते हैं जिसके बाद ही उस पैसे को खर्च किया जा सकता है। लेकिन पोस्ट पेड वॉलेट में इसे बैंक के अकाउंट से कनेक्ट कर दिया जाता है। उसके बाद आपके अकाउंट में जितने पैसे हैं उसे खर्च किया जा सकता है।
इसीलिए प्रीपेड वॉलेट में थोड़े पैसे रखें ताकि जरुरत पड़ने पर उसका इस्तेमाल किया जा सके। किसी को पैसे ट्रांसफर करने के लिए डिजिटल वॉलेट ऐप पर अपना लॉग इन और पासवर्ड देना पड़ता है। अपना काम पूरा होने के बाद उससे लॉग आउट कर दीजिए। ऑफिस या कहीं और स्मार्टफोन को छोड़ देने पर अगर कोई आपके अकाउंट के बारे में जानकारी चाहता है तो वो उसके हाथ नहीं लगेगा। अपने स्मार्टफोन पर अगर बैंक का ऐप इस्तेमाल करते हैं तो उसके लिए भी ऐसा ही करना चाहिए। 

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