जिद और अहंकार छोड़कर लोकपाल की नियुक्ति करे मोदी सरकार: मायावती

जिद और अहंकार छोड़कर लोकपाल की नियुक्ति करे मोदी सरकार: मायावती

लखनऊ।  बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्री अध्यक्ष मायावती ने लोकपाल की स्थापना और इस पद पर नियुक्ति के सम्बन्ध में सुप्रीम कोर्ट के आज के फैसले का स्वागत किया है। मायावती ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सरकार को भ्रष्टाचार के विरूद्ध सख्ती करने के मामले में अपनी ईमानदारी और नेक नीयत दिखाते हुये अब तत्काल देश में लोकपाल संस्था स्थापित करके प्रथम लोकपाल की नियुक्ति करनी चाहिये। मायावती ने कहा कि खासकर केन्द्र सरकार के उच्च पदों पर भ्रष्टाचार के उन्मूलन के रुप में लोकपाल जैसी संस्था स्थापित करने के लिये पूरे देश में एक आम राय बनी थी, जिसके कारण 2013 में लोकपाल कानून बनाया गया था, जो जनवरी 2014 से लागू है लेकिन मोदी सरकार ने किसी न किसी बहाने से भ्रष्टाचार-विरोधी इस महत्वपूर्ण कानून को पिछले लगभग तीन वर्षां से पूरी तरह से ठण्डे बस्ते में डाल रखा है।
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मायावती ने कहा कि इस नकारात्मक प्रवृत्ति के खिलाफ उच्चतम न्यायालय का आज का फैसला काफी महत्वपूर्ण है और अब केन्द्र सरकार को बिना कोई देरी किये हुये इस मामले में सही कार्यवाही तत्काल प्रारम्भ कर देनी चाहिये। उन्होंने कहा कि केन्द्र की मोदी सरकार अपने को ईमानदार और बाकी सभी को गलत और बेईमान जाहिर करने के लिये सत्ता के दुरूपयोग के साथ-साथ नई-नई साजिशें भी लगातार करती रहती है लेकिन लोकपाल बनाकर संस्थागत आधार पर भ्रष्टाचार से सामूहिक तौर पर लड़ने के मामले में हमेशा कन्नी काटती रही है।
बसपा अध्यक्ष ने कहा कि इस वजह से देश भर में सरकार की मंशा और ईमानदारी पर गंभीर सवाल उठना स्वाभाविक ही है। इसका निदान उच्चतम न्यायालय के आज के फैसले के बाद अवश्य ही हो जाना चाहिये, यह देशहित में बहुत जरूरी है। मोदी सरकार अब अपनी जिद व अहंकार को छोड़कर तत्काल न्यायालय के फैसले पर अमल करते हुये लोकपाल की नियुक्ति करें।
 

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