2019 तक 42 मेगा फूड पार्क हो जायेंगे चालू

2019 तक 42 मेगा फूड पार्क हो जायेंगे चालू

नई दिल्ली। देश में 2019 तक 42 मेगा फूड पार्क चालू हो जायेंगे जिससे बडे पैमाने पर लोगों को रोजगार मिलेगा और व्यापक पैमाने पर खाद्य पदार्थो का प्रसंस्करण किया जा सकेगा जिससे किसानों की आय बढ सकेगी ।
खाद्य प्रसंस्करण उद्योग राज्य मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति ने एसोचैम की ओर से आज यहां आयोजित राष्ट्रीय कोल्ड चेन सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए कहा कि मोदी सरकार के आने के पहले केवल दो मेगा फूड पार्क कार्य कर रहे थे । किसानों की आय में वृद्धि और कृषि उत्पादों को जल्द नष्ट होने से बचाने के लिए सरकार ने कुल 42 मेगा फूड पार्को की स्थापना का निर्णय लिया है । वर्ष 2014 से अब तक छह मेगा फूड पार्क चालू हो गये है और दो तीन माह के अंदर चार और मेगा फूड पार्क चालू हो जायेंगे ।
उन्होंने कहा कि बहुत से मेगा फूड पार्कों के निर्माण का कार्य शुरू हो गया है और 2019 के अंत तक सभी 42 मेगा फूड पार्कों का निर्माण कार्य पूरा हो जायेगा । उन्होंने कहा कि कृषि और प्रसंस्करण क्षेत्र में सबसे अधिक रोजगार देने की संभावना है और इसे ध्यान में रखते हुए सरकार कम पूंजी में भी छोटे स्तर पर कोल्ड चेन योजना को कार्यान्वित कर रही है ।
साध्वी निरंजन ज्योति ने कहा कि बडे पैमाने पर कोल्ड चेन की स्थापना में 25 से 30 करोड रुपये की लागत आती है जिसके कारण कम पूंजी वाले लोग इस व्यवसाय में नहीं आ पाते हैं ।
कौशल विकास, व्यावसायिक शिक्षा, रेल संरक्षा में सहयोग के करार किये भारत जर्मनी ने..!
किसान समूह छोटे स्तर पर कोल्ड चेन की स्थापना करे और वहां प्रसंस्करण इकाई की भी स्थापना करें तो उसे सम्पदा योजना के तहत 50 प्रतिशत की सब्सिडी दी जा सकती है जो डेढ़ से पांच करोड रुपये तक हो सकती है । सम्पदा योजना में जमीन को मानक नहीं माना गया है । सम्पदा योजना के तहत 6000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिसे 2020 तक खर्च किया जायेगा। उन्होंने कहा कि देश में कोल्ड चेन की स्थापना को लेकर लोगों में जागरूकता आयी है और 300 लोगों ने इसकी स्थापना के लिए आवेदन किये हैं । वर्ष 2014 के बाद कुल 63 कोल्ड चेन चालू हो गये हैं । सरकार मंडियों में जल्दी खराब होने वाली कृषि उत्पादों के भंडारण और समुद्र के किनारे मछलियों के भंडारण एवं प्रसंस्करण के लिये कोल्ड चेन की स्थापना का प्रयास कर रही है। खाद्य प्रसंस्करण राज्य मंत्री ने कोल्ड चेन और प्रसंस्करण उद्योगों को सीधे किसानों से कृषि उत्पादों को खरीदने का अनुरोध करते हुए कहा कि इससे बिचौलिये अलग थलग पर जायेंगे । उन्होंने उद्योगों से किसानों को प्रशिक्षित करने का अनुरोध करते हुए कहा कि इससे वे गुणवत्तापूर्ण फसलों उत्पादन कर सकेंगे । उन्होंने कहा कि कृषि प्रधान देश में किसानों को फलों एवं सब्जियों का उचित मूल्य नहीं मिले और उन्हें इसे नष्ट करना पड़े तो यह बेहद पीड़ाजनक है।

Share it
Top