होंठों को भद्दा बना सकती है लिपस्टिक

होंठों को भद्दा बना सकती है लिपस्टिक

lipestike womanसुन्दरता नारी का ही दूसरा नाम है। प्राचीन काल से ही नारी ने सदैव अपने आप को सुन्दर एवं आकर्षक बनाने के लिए कई चीजों का प्रयोग किया है। होंठों की लालिमा को और गाढ़ा करने के लिए औरतें या तो पान खाती थी या फिर अखरोट के पत्ते अथवा छाल की दातुन करती थी किंतु आज यूरोप में बनी कृत्रिम लिपस्टिक बाजार में उपलब्ध है। भारत में प्रतिवर्ष 22 करोड़ रूपये की लिपस्टिक खरीदी जाती है। आज भारत में कई विदेशी कम्पनियां लिपस्टिक बना रही हैं।
पिछली सदी के प्रारंभ में ब्रिटेन और जर्मनी के उत्पादकों द्वारा चरबी, भीज तथा अरैडिय़ा के तेल को मिलाकर लिपस्टिक कांच की बोतलों में भरकर बाजार में बेची जाती थी किंतु समय के साथ-साथ इसके रंग में भी कई बदलाव आये और आज लिपस्टिक नारी के सौंदर्य प्रसाधन का अभिन्न अंग बन चुकी है। लिपस्टिक के बिना तो आधुनिक नारी की कल्पना भी नहीं की जा सकती। आज लिपस्टिक अत्यंत आधुनिक ढंग से बनाई जा रही है। इसकी उत्पादन क्रि या इतनी तेज हो गई है कि एक दिन में ही हजारों लिपस्टिक का उत्पादन होता है।
लिपस्टिक के रंगों में भी समय के साथ-साथ बदलाव आया है। पहले जो लिपस्टिक केवल लाल रंग में उपलब्ध थी, आज कई रंगों में उपलब्ध हैं। गोल्डन और सिल्वर रंग भी अभी बाजार में बिक रहे हैं। पिछले कुछ वर्षों से लिपस्टिक बनाने वाली कम्पनियां इस कोशिश में लगी हुई हैं कि अब ‘किस-प्रूफ’ लिपस्टिक का निर्माण किया जाये। अगर कम्पनियां इसे बनाने में सफल हो गई तो उन्हें काफी फायदा होगा क्योंकि स्त्री पुरूषों के अनैतिक संबंध ज्यादातर लिपस्टिक की वजह से ही पकड़े जाते हैं।
वैसे तो अनेक रंगों की लिपस्टिक का निर्माण होता है किंतु सबसे ज्यादा लाल और गुलाबी रंग की ही लिपस्टिक बाजार में चलती है। लिपस्टिक को रंग देने वाले रसायन का नाम टिटेनियम ऑक्साइड है। यह ऑक्साइड होंठों के लिए काफी खतरनाक है। अब कुछ कम्पनियां इस की जगह दूसरे रसायन प्रयोग करने लगी हैं। बाजार में विदेशी ब्रांड की नकल की हुई डुप्लीकेट लिपस्टिक काफी मात्र में बिकती है। इस प्रकार की लिपस्टिक से होंठों में कई रोग भी हो सकते हैं।
कुछ उत्पादक इस प्रकार के भी होते हैं जो इसके निर्माण में काफी खराब पदार्थों का भी प्रयोग करते हैं, अत: घटिया उत्पादों का प्रयोग नहीं करना चाहिए। आजकल बाजार में मिलने वाली लेक्मे, गाला, टिप्स एडं टोस, रेवलोन, ओरीफलेम एवान, एली, परसोनी जैसी लिपस्टिक अच्छी ब्रांड की मानी जाती हैं जिनके उपयोग से होंठों को नुकसान नहीं होता। नये शोध इस प्रकार की लिपस्टिक बनाने में जुटे हैं जो ज्यादा से ज्यादा देर होंठों पर टिकी रहें।
आज लिपस्टिक महिलाओं के सौंदर्य प्रसाधन का अभिन्न अंग बन चुकी हैं। लिपस्टिक की लाल दुनिया काफी बड़ी है और कभी न खत्म होने वाली है।
– सुरेन्द्र डोगरा ‘निर्दोष’

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