हेयर स्टाइल से संवारें अपना करियर

हेयर स्टाइल से संवारें अपना करियर

अलग दिखने के लिए लोग, खासकर किशोर व युवा, नए-नए हेयर स्टाइल अपनाते हैं। आकर्षक दिखने के इस क्रेज के कारण हेयर स्टाइलिंग का काम स्वरोजगार के लिहाज से काफी फायदेमंद है। अगर आपकी हेयर स्टाइलिंग में रूचि है तो कुछ महीने की ट्रेनिंग लेने के बाद आप किसी बड़े सैलून या पार्लर में काम कर सकते हैं या फिर अपना पार्लर खोल कर अच्छे पैसे कमा सकते हैं। ऐसे में पार्लर में हेयर केयर के अलावा आकर्षक दिखने के लिए कई तरह की फेशियल सुविधाएं भी दी जाती हैं।
हेयर स्टाइलिंग इंडस्ट्री ऐसा फील्ड मानी जाती है जहां कभी मंदी नहीं आती। कोई भी शादी हो, दूल्हा-दुल्हन को शादी से पहले पार्लर की सेवाएं जरूर चाहिए। हेयर स्टाइलिंग के दम पर ही जावेद हबीब, भारती तनेजा, आलिम हकीम, सपना भावनानी आदि आज सेलिब्रिटी का दर्जा पा चुके हैं। हाल के वर्षों में लोगों की आमदनी बढऩे से हेयर-केयर का यह बिजनेस लगातार आगे बढ़ रहा है। युवाओं के लिए करियर के लिहाज से यह एक बेहतरीन लाइन है।
यूनिसेक्स सैलून का दौर: हेयर स्टाइलिंग के फील्ड में कमाई बेहिसाब है। यह आप पर निर्भर करता है कि आप इसे किस स्तर पर ले जाना चाहते हैं। कई सैलून में तो आज बॉडी मसाज, बॉडी स्पा आदि जैसी सुविधाएं भी दी जा रही हैं। बड़े-बड़े यूनिसेक्स सैलूनों में महिलाओं व पुरूषों दोनों के लिए हेयर-केयर की सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। मॉल, मार्केट कॉम्प्लेक्स आदि जैसी जगहों पर आजकल ऐसे ही सैलून और पार्लर खुल रहे हैं।
तकरीबन सभी बड़े शहरों में आज नामी-गिरामी हेयर स्टाइलिस्टों की शाखाएं हैं। ऐसे किसी बड़े पार्लर में काम करने पर सैलरी के साथ-साथ कमीशन भी मिलता है। छोटे व मध्यम स्तर के सैलून के लिए तो हर छोटे-बड़े शहर-कस्बे में स्कोप है। इस काम में प्रशिक्षित लोगों की मांग मध्यम स्तर के सैलून में भी बनी रहती है। शादी-ब्याह के मौसम में मांग व कमाई और बढ़ जाती है।
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जरूरी ट्रेनिंग: शहरों में ऐसे तमाम कोचिंग सेंटर मिल जाएंगे जहां कुछ पैसे ले कर हेयर स्टाइलिंग सिखाई जाती है। यह आप पर निर्भर करता है कि आप इस काम को कितने दिन में सीख पाते हैं। वैसे आमतौर पर इसकी ट्रेनिंग में छह महीने लगते हैं। कुछ बेसिक सीख जाने के बाद आप किसी बड़े पार्लर में आवेदन कर सकते हैं। ऐसी जगहों पर लोगों को इंटरव्यू के आधार पर ही रखा जाता है।
इसमें यह देखा जाता है कि आप में हेयर स्टाइलिंग की बेसिक समझ है या नहीं, आप ब्यूटी प्रोड्क्ट्स के बारे में कितना जानते हैं आदि। इस काम में यह जानना बहुत जरूरी है कि किस चेहरे पर कौन सा ब्यूटी ट्रीटमेंट देना है, कौन सी क्रीम इस्तेमाल करनी है आदि। कारण यह कि किसी की स्किन ड्राई होती है तो किसी की ऑइली। लोगों के बालों में भी अंतर होता है। ऐसे में किसके बालों में कौन सा कलर देना है, उनकी बेंडिंग कैसी करनी है, यह सब जानना जरूरी है।
लोकेशन व सेटअप: सैलून के काम में लोकेशन की बड़ी अहमियत है क्योंकि आपको सैलून का सेटअप भी उसी हिसाब से रखना होगा। उच्च स्तरीय सैलूनों में तो आजकल एसी तक की सुविधाएं आम हो गई हैं। एलसीडी टीवी और सोफा भी लगे होते हैं। अगर आप मीडियम लेवल का सैलून खोलते हैं, तो करीब 2 लाख रूपए का खर्च आएगा। इस काम में कई तरह की मशीनों की जरूरत पड़ती है, जैसे हेयर स्टीमर, हेयर ड्रायर, कर्लर, आयरन मशीन, फिंगर मशीन, चेहरे के ट्रीटमेंट के लिए मशीन, कलर मशीन आदि। इसके अलावा हेयर कटिंग चेयर, शीशे और विभिन्न ब्यूटी प्रोडक्ट्स भी चाहिए मगर यदि आप किसी मॉल में यूनिसेक्स जैसा कोई बड़ा पार्लर खोलना चाहते हैं, तो इसके लिए 10 से 20 लाख तक पूंजी चाहिए।
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यह हाई लेवल का काम है, सो ग्राहकों को सुविधाएं भी वैसी ही देनी पड़ेंगी। महंगे ब्रांडेड ब्यूटी प्रोडक्ट इस्तेमाल करने होंगे। अच्छी तरह प्रशिक्षित लोगों को रखना होगा। यूनिसेक्स सैलून में महिला व पुरूष दोनों के लिए अलग तरह के इंतजाम करने होते हैं। मीडियम लेवल का हेयर सैलून चलाने के लिए कम से कम चार-दो का अनुपात होना चाहिए, यानी इसमें चार कुशल लोग और दो हेल्पर होने चाहिए।
रूचि लेना जरूरी है: सैैलून के काम में आपकी रूचि होना बहुत जरूरी है। हेयर स्टाइलिंग का ट्रैंड बदलता रहता है, जैसे आजकल लोग मूनकट, लेजर कट और स्टेप वन, स्टेप टू व स्टेप थ्री कट ज्यादा पसंद कर रहे हैं। ट्रैंड के अनुसार ग्राहक भी वैसा ही स्टाइल कराना चाहते हैं। इसके लिए जरूरी है कि आप लगातार सीखते रहें। आप गूगल, यूट्यूब से भी नए-नए स्टाइल सीख सकते हैं।
यदि आप किसी हाईएंड सैलून में काम करने का इरादा रखते हैं, तो आपकी इंग्लिश भी अच्छी होनी चाहिए क्योंकि वहां ग्राहक अक्सर इंग्लिश में ही बात करते हैं। ऐसे में उनकी बात आपकी समझ में आनी चाहिए। ग्राहकों को जो चाहिए, वैसी ही सुविधा उसे दें। अपने मन से कुछ न करें। इस क्षेत्र में मार्केटिंग के लिए आपको ज्यादा कुछ करने की जरूरत नहीं है। अगर आप अच्छा काम करेंगे, तो ग्राहक खुद दूसरों को आपके काम के बारे में बताएंगे।
-खुंजरि देवांगन

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